हरदा- लगातार बढ़ती गर्मी और गिरते भूजल स्तर के कारण पानी की किल्लत एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है। पानी की हर एक बूंद कीमती है और इस अनमोल धरोहर को सहेजना हम सब की सामूहिक जिम्मेदारी है। आगामी मानसून को देखते हुए, नगर पालिका परिषद हरदा ने सभी सम्मानित नागरिकों से अपने-अपने घरों और प्रतिष्ठानों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली अपनाने की अपील की है। जारी अपील में कहा गया है कि यदि हम बारिश के पानी को सहेज लें, तो न केवल हम अपने शहर को जल संकट से बचा सकते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी पानी सुरक्षित कर सकते हैं।

रेन वाटर हार्वेस्टिंग क्यों है जरूरी?

*भूजल स्तर में सुधार*: बारिश का पानी सीधे जमीन के अंदर जाने से सूखे कुएं, बावड़ियां और बोरवेल फिर से जीवित हो जाते हैं। संचित किए गए वर्षा जल का उपयोग कपड़े धोने, बागवानी और सफाई जैसे घरेलू कामों में किया जा सकता है, जिससे टैंकरों या मुख्य सप्लाई पर निर्भरता कम होगी। सड़कों पर पानी बहने के बजाय जमीन में जाएगा, जिससे मानसून के दौरान जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी।

आप कैसे योगदान दे सकते हैं?

*रूफटॉप हार्वेस्टिंग*: अपने घर की छत पर गिरने वाले बारिश के पानी को पाइप के जरिए एक फिल्टर टैंक से जोड़ें और उसे सीधे बोरवेल या रीचार्ज पिट में डालें।

सोख्ता गड्ढा: अपने परिसर के खाली हिस्से में एक छोटा सोख्ता गड्ढा बनाएं, ताकि जमीन पानी को आसानी से सोख सके।

जागरूकता फैलाएं: अपने पड़ोसियों और मित्रों को भी इस मुहिम से जुड़ने के लिए प्रेरित करें।

तकनीकी सहायता के लिए संपर्क करें

यदि अपने घर में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए किसी भी प्रकार की तकनीकी सलाह या मार्गदर्शन की आवश्यकता है, तो आप नगर पालिका के भवन अनुमति शाखा के प्रदीप चौहान हेल्पलाइन नंबर 7987742527 पर संपर्क कर सकते हैं, इसके अतिरिक्त निर्माण कार्य हेतु ठेकेदार अक्षय उपप्रीत मोबाइल नंबर 9826505320 नवल किशोर झा मोबाइल नंबर 9826797537 पर संपर्क किया जा सकता है। ‘जल है तो कल है। आइए, इस मानसून में हम सब मिलकर संकल्प लें कि बारिश की एक भी बूंद बर्बाद नहीं होने देंगे और हरदा को एक जल-सुरक्षित शहर बनाएंगे।’

 

हरदा 18 से 25 मई तक चलेगा ‘जनभागीदारी सप्ताह

103 गांवों में लगेंगे लाभार्थी संतुष्टि शिविर

हरदा – जनजातीय समुदायों को सशक्त बनाने और शासकीय योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने के लिए ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कृष्ट अभियान’ एवं ‘प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान’ के तहत जिले में 18 से 25 मई 2026 तक ‘लाभार्थी संतुष्टि शिविर’ आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान की थीम ‘जनभागीदारी सबसे दूर, सबसे पहले’ रखी गई है। अभियान के तहत जिले के चयनित 103 ग्रामों में स्थित आदि सेवा केंद्रों में शिविर आयोजित कर जनजातीय क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों को विभिन्न विभागों के समन्वय से योजनाओं का लाभ दिया जाएगा।

जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग ने बताया कि इन शिविरों में एक ही स्थान पर आधार कार्ड, जाति प्रमाण-पत्र, जनधन खाता, राशन कार्ड, पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, पीएम सुरक्षा बीमा योजना, पीएम किसान सम्मान निधि, किसान क्रेडिट कार्ड, पीएम राष्ट्रीय डायलिसिस प्रोग्राम, आयुष्मान भारत कार्ड, पीएम सुरक्षित मातृत्व अभियान, सिकल सेल मिशन, क्षय रोग उन्मूलन जांच, पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना, पीएम उज्ज्वला योजना, पीएम विश्वकर्मा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना, वन अधिकार पट्टा सहित अन्य योजनाओें सेे लाभान्वित किया जाएगा।

कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से चलाने के लिए सात दिवसीय कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। सोमवार 18 मई को जनभागीदारी सप्ताह का शुभारंभ कलेक्ट्रेट में किया जाएगा। इस दौरान जिला, ब्लॉक और ग्राम स्तर के अधिकारियों के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित कर अभियान की शुरुआत की जाएगी। साथ ही 19 से 25 मई तक ग्राम स्तर पर प्रतिदिन संतृप्ति शिविर एवं स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित किये जायेंगे। जारी कार्यक्रम अनुसार 20 मई को ग्राम इमर्शन ड्राइव – एक ग्राम सम्पर्क गतिविधि के तहत अधिकारियों आदि कर्मयोगियों एवं गैर सरकारी संगठनों द्वारा ग्रामों में ट्रासेक्ट वॉक आयोजित कर वास्तविक स्थिति का अवलोकन, जागरूकता प्रसार एवं जनसुनवाई की तिथि घोषित की जाएगी तथा 21 से 23 मई तक शिकायत निवारण एवं त्वरित अधिकार समाधान हेतु प्रतिदिन जन सुनवाई गतिविधियां आयोजित की जाएगी।

 

प्रत्येक स्नातक पाठ्यक्रम में शहीदों की विधवाओं एवं संतानों के लिए अब एक सीट रहेगी आरक्षित

उच्च शिक्षा विभाग ने समस्त विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों को जारी किए निर्देश

हरदा- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की घोषणा के परिपालन में उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में पुलिस, होमगार्ड एवं नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) में शहीद होने वाले कर्मियों की विधवाओं तथा उनके आश्रित बच्चों के लिए एक अतिरिक्त सीट आरक्षित की है। आयुक्त उच्च शिक्षा द्वारा इस संबंध में सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। विभागीय निर्देशानुसार प्रत्येक स्नातक पाठ्यक्रम में स्वीकृत सीटों के अतिरिक्त एक सुपरन्यूमेरेरी (अतिरिक्त) सीट निर्धारित की गई है, इससे नियमित सीटों की संख्या प्रभावित नहीं होगी। इस आरक्षण का लाभ केवल पात्र अभ्यर्थियों को सक्षम प्राधिकारी(गृह विभाग अथवा संबंधित विभाग) द्वारा जारी प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने पर मिलेगा। पात्र अभ्यर्थियों को ऑनलाइन प्रवेश पोर्टल पर पृथक श्रेणी के अंतर्गत आवेदन करना होगा।

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