पावनसिटी हरदा
हरदा शहर के इंदौर रोड स्थित सुदामा नगर में 3 साल बाद भी नहीं मिला पानी — नगर पालिका की लापरवाही और भ्रष्टाचार से वार्डवासी परेशान हो रहे हैं
हरदा नगर पालिका की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। लगभग 3 वर्ष पूर्व सुदामा नगर में पेयजल पाइपलाइन योजना का भूमि पूजन नगर पालिका अध्यक्ष, पूर्व कृषि मंत्री श्री कमल पटेल, जिला अध्यक्ष एवं स्थानीय पार्षदों द्वारा बड़े प्रचार-प्रसार के साथ किया गया था। उस समय आम जनता को यह विश्वास दिलाया गया था कि जल्द ही क्षेत्र में सुचारु पेयजल व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।
किन्तु दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति यह है कि भूमि पूजन के 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी नगर पालिका सुदामा नगर के नागरिकों को पानी की एक बूंद तक उपलब्ध नहीं करा पाई। लंबे इंतजार के बाद हाल ही में पाइपलाइन कार्य प्रारंभ किया गया तथा लगभग एक माह पूर्व पुनः इसका लोकार्पण भी किया गया, लेकिन आज तक क्षेत्रवासियों को नियमित जल आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने इस पूरे मामले को नगर पालिका की घोर लापरवाही, भ्रष्टाचार एवं जनता के साथ छलावा बताया है। उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में सुदामा नगर एवं आसपास के वार्डों के लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। क्षेत्र के अधिकांश बोर सूख चुके हैं और नगर पालिका द्वारा टैंकरों से पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह भी एक दिन छोड़कर। ऐसे में आम नागरिकों को मूलभूत सुविधा “पेयजल” से वंचित रखा जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने आरोप लगाया कि पाइपलाइन कार्य में भारी अनियमितताओं एवं भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं। भोपाल के ठेकेदार “शीतल इंटरप्राइजेज” को नगर पालिका अधिकारियों एवं सीएमओ का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण ठेकेदार पूरी तरह बेलगाम होकर कार्य कर रहा है।
स्थानीय नागरिकों एवं नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी के अनुसार —
– पाइपलाइन कार्य एस्टीमेट के अनुसार नहीं किया गया।
– ठेकेदार द्वारा मनमाने तरीके से कार्य किया गया।
– वार्ड क्रमांक 2, गौर कॉलोनी, वार्ड क्रमांक 11 अन्नापूर्णा वार्ड एवं वार्ड क्रमांक 32 सुदामा नगर सहित कई क्षेत्रों की सड़कों को लगभग 2-3 वर्ष पूर्व पाइपलाइन डालने के नाम पर खोद दिया गया, लेकिन आज तक उनका पक्का कंक्रीटीकरण नहीं किया गया।
– 2 से 3 वर्ष बीत जाने के बाद भी सड़कें बदहाल स्थिति में हैं, जिससे आम जनता को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जल विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से अधूरे कार्यों के बावजूद ठेकेदार के फाइनल बिल बना दिए गए तथा जिन कार्यों का निष्पादन नहीं हुआ, उनकी राशि का भी भुगतान कर दिया गया। यह पूरा मामला भ्रष्टाचार एवं सरकारी राशि के बंदरबांट की श्रेणी में आता है।
इसके अतिरिक्त जल विभाग में नए कनेक्शन देने के नाम पर भी भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं। नगर पालिका द्वारा नए जल कनेक्शन हेतु ₹3500 की निर्धारित राशि तय की गई है, किंतु कर्मचारियों द्वारा नागरिकों से ₹4000 तक वसूले जा रहे हैं। जबकि ₹3500 की राशि में नगर पालिका को स्वयं गड्ढा खोदकर कनेक्शन निकालकर देना होता है तथा कनेक्शन में लगने वाली सामग्री उपभोक्ता द्वारा उपलब्ध कराई जाती है। इसके बावजूद नगर पालिका कर्मचारी गड्ढा खोदने, रोड फोड़ने एवं अन्य कार्यों के नाम पर ₹1000 से ₹2500 तक अतिरिक्त राशि की मांग कर रहे हैं। इस प्रकार जल विभाग में खुलेआम भ्रष्टाचार किया जा रहा है और आम जनता का आर्थिक शोषण हो रहा है।
नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने मांग की है कि —
1. पूरे पाइपलाइन कार्य की उच्च स्तरीय तकनीकी जांच कराई जाए।
2. अधूरे कार्यों एवं भुगतान की जांच आर्थिक अपराध शाखा या लोकायुक्त से कराई जाए।
3. जिम्मेदार अधिकारियों एवं ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज की जाए।
4. सुदामा नगर एवं प्रभावित वार्डों में तत्काल नियमित पेयजल व्यवस्था शुरू की जाए।
5. खोदी गई सड़कों का शीघ्र पक्का निर्माण कराया जाए।
6. नए जल कनेक्शन में हो रही अवैध वसूली एवं कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे भ्रष्टाचार की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो क्षेत्रवासी जनआंदोलन करने को मजबूर होंगे, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।

