पावनसिटी समाचार पत्र नरसिंहपुर

मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले का तेंदूखेड़ा रिश्वतकांड अब प्रदेश से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है।

14 मई को एसडीएम दफ्तर में हुई ईओडब्ल्यू (EOW) की कार्रवाई की आंच अब सीधे तेंदूखेड़ा एसडीएम पूजा सोनी तक पहुंच गई है, जिनका हाल ही में यूपीएससी 2025 (UPSC 2025) में चयन हुआ है।

ईओडब्ल्यू अधिकारियों ने कार्रवाई के दौरान जब स्टेनो सौरभ यादव को 30 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया था, तब स्टेनो सौरभ यादव कथित तौर पर यह कहते सुनाई दिया था कि इस रकम में से 5 हजार उसके और 25 हजार ‘एसडीएम  पूजा सोनी मैडम’ के हैं। ईओडब्ल्यू अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच, वॉयस रिकॉर्डिंग और अन्य कड़ियों को जोड़ने पर एसडीएम पूजा सोनी की भूमिका के पुख्ता सबूत मिले हैं, जिससे इस मामले में उनका आरोपों से बाहर निकलना बेहद मुश्किल नजर आ रहा है।

हालांकि, एफआईआर फिलहाल सिर्फ स्टेनो सौरभ यादव के खिलाफ दर्ज की गई है, लेकिन एसडीएम पूजा सोनी और चपरासी सुनील कुमार के खिलाफ भी जांच का शिकंजा कसा हुआ है।

इस हाई-प्रोफाइल मामले पर खुद को निर्दोष बताते हुए एसडीएम पूजा सोनी ने दलील दी है कि रिश्वत उनके बाबू ने ली थी, उनका इससे कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जिस कॉलोनी निर्माण की एनओसी के नाम पर यह लेन-देन हुआ, वह 12 मई को ही जारी की जा चुकी थी, तो ऐसे में काम होने के बाद 14 मई को रिश्वत लेने का कोई औचित्य ही नहीं बनता। उन्होंने शिकायतकर्ता पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह अक्सर ‘सेवा करने’ की बात पूछता था, जिस पर उन्होंने हमेशा मना किया, लेकिन जब उसने बाबू के लिए पूछा तो उन्होंने कह दिया था कि ‘वो तुम देख लो’।

पूजा सोनी ने सिस्टम पर तंज कसते हुए यह भी कहा कि अगर कोई व्यक्ति काम होने की खुशी में किसी को चाय-पानी करा देता है, तो वह उसमें दखल नहीं देतीं। उन्होंने चुनौती दी है कि अगर कोई पक्षकार यह साबित कर दे कि उसने कोर्ट के किसी मामले में उन्हें एक रुपया भी दिया है, तो वह नौकरी छोड़ देंगी। पन्ना जिले के एक साधारण किसान परिवार से आने वाली पूजा सोनी ने अपने पारिवारिक संस्कारों की दुहाई देते हुए खुद को बेकसूर बताया है। लेकिन दूसरी तरफ, ईओडब्ल्यू की जांच की दिशा और रिकॉर्डिंग के सबूत कुछ और ही बयां कर रहे हैं। अब देखना होगा कि यूपीएससी क्रैक कर एक नई उड़ान भरने को तैयार पूजा सोनी का प्रशासनिक करियर इस रिश्वतकांड के दलदल से बेदाग निकल पाता है या नहीं।

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