खंडवा – मानसून की दस्तक से पहले डेंगू और अन्य मच्छर जनित बीमारियों पर रोकथाम करने के लिए राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर जिला चिकित्सालय परिसर में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अधिकारियों, चिकित्सकों और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से समाज में डेंगू के प्रति जागरूकता फैलाने और इसके उन्मूलन की शपथ ली। सिविल सर्जन डॉ अनिरुद्ध कौशल ने बताया कि डेंगू दिवस मनाने का उद्देश्य केवल चर्चा करना नहीं बल्कि धरातल पर कड़े कदम उठाना है। उन्होंने बताया कि डेंगू के मच्छर साफ पानी में पनपते हैं इसलिए पानी के बर्तनों, पानी की टंकी आदि को ढक कर रखे घर के आसपास सफाई रखें। साथ ही छत पर प्रयोग में ना आने वाले कंटेनर टायर आदि न रखें क्योंकि बारिश के मौसम में इनमें पानी जमा होता है, जिसमें मच्छर पनपते हैं । उन्होंने नागरिकों को सुझाव दिया है कि डेंगू से बचाव के लिए शरीर को पूरी तरह से ढकने वाले कपड़े पहने, सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें, अपने आसपास के क्षेत्रों में जलजमाव नहीं होने दें । उन्होंने बताया कि बुखार आने पर तुरंत निकट के अस्पताल में जाएं ताकि समय पर इसका इलाज हो सके ।
कार्यक्रम में महामारी विशेषज्ञ डॉक्टर योगेश शर्मा ने बताया कि डेंगू एक रोके जाने योग्य बीमारी है, जो साफ ठहरे हुए पानी में पनपने वाले एडीज मच्छर के काटने से होती है। शपथ ग्रहण के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को पम्फलेट बांटकर डेंगू के लक्षण जैसे—अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, और बदन दर्द होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम में जिला मलेरिया अधिकारी श्री करण सिंह भूरिया ने बताया कि डेंगू डेन वायरस के कारण होता है, एवं उसे फैलाने का कार्य संक्रमित मादा एडिज मच्छर करता है। डेंगू, चिकुनगुनिया, मलेरिया जैसी बीमारीयों के नियंत्रण के लिए घरों एवं कार्यालयों की साफ-सफाई रख इन बीमारीयों को पैदा या फैलाने वाले मच्छर को पैदा होने से रोककर, काटने से बचाव कर इन बीमारी को फैलने से रोक सकते है। उन्होंने सलाह दी कि डेंगू, चिकुनगुनिया की बीमारी के लक्षण होने पर चिकित्सक की सलाह पर नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र पर जाकर अपनी जाँच करवाये। इस मौके पर डॉ सुजीत वर्मा, डॉ नेहा शुक्ला, डॉक्टर जीनल पटेल सहित अधिकारी, चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ उपस्थित रहा। इसी तरह के कार्यक्रम जिले के अन्य शासकीय अस्पतालों में भी आयोजित किए गए।

