खाकी’ पर भरोसा कायम – शराब के नशे में 7 लाख का बैग भूला, इटारसी पुलिस ने 2 घंटे में लौटाया

पावनसिटी इटारसी

एक तरफ अवैध अहातों पर पुलिस की ‘मौन स्वीकृति’ के आरोप, दूसरी तरफ थाना इटारसी के 2 आरक्षकों ने ईमानदारी की मिसाल पेश कर दी।

पूरा मामला – फिल्मी लेकिन हकीकत

1 फरियादी

अरुण यादव, उम्र 34 साल, पिता काशीराम यादव, निवासी अहियापुर थाना विजयनगर, जिला गोपालगंज, बिहार।

2 क्या हुआ

अरुण यादव इटारसी में शराब की दुकान पर गए। नशे में अपना बैग वहीं भूल गए। होश आया तो पैरों तले जमीन खिसक गई – बैग में *4 सोने की बाली कीमत 6 लाख + चांदी 1 लाख = कुल 7 लाख का माल* था।

3 पुलिस की त्वरित कार्रवाई

थाना इटारसी में सूचना मिलते ही *आरक्षक 538 शाकिर खान* और *आरक्षक 937 विपिन शुक्ला* तुरंत फरियादी के बताए घटना स्थल पर पहुंचे। सूझबूझ से दुकान की तलाशी ली। बैग वहीं मिला।

4 रिजल्ट

बैग खुलकर चेक किया सोने की 4 बाली चांदी का सामान पूरा सही-सलामत

7 लाख का माल फरियादी अरुण यादव को मौके पर लौटा दिया।

इटारसी पुलिस के लिए 3 बड़ी बात

2 घंटे में रिस्पॉन्स बिहार से आया आदमी, अनजान शहर। FIR-वेरिफिकेशन के चक्कर में नहीं डाला। सीधे मौके पर पहुंचे।

 2 नियत साफ

7 लाख का सोना-चांदी। चाहती तो पुलिस ‘मालखाने में जमा’ का बहाना बना सकती थी। पर ईमानदारी से लौटाया।

3 शराबी से भेदभाव नहीं*: आदमी पिया हुआ था। अक्सर पुलिस ‘तू तो दारू पीकर आया है’ बोलकर भगा देती है। पर यहां मदद की।

TI इटारसी और SP नर्मदापुरम से मांग:*

आरक्षक शाकिर खान और विपिन शुक्ला को कॉप ऑफ द मंथ

का सम्मान दो। इनकी वजह से पूरे डिपार्टमेंट का नाम ऊंचा हुआ। अहाते-वसूली के आरोपों के बीच ये 2 जवान असली हीरो हैं।

फरियादी अरुण यादव ने कहा:

“मैं तो समझा था सब लुट गया। बिहार में होता तो थाना-कोर्ट के चक्कर काटता। इटारसी पुलिस ने इंसानियत दिखाई। शाकिर भाई और विपिन भाई का एहसान जिंदगी भर नहीं भूलूंगा।”

1. नशे में कीमती सामान लेकर मत चलो। आज पुलिस ईमानदार मिली, कल कोई और मिल जाए।

2. कुछ भी खो जाए तो 100 डायल करो। इटारसी पुलिस मदद करती है।

कलेक्टर-SP साहब*, अहातों पर जितनी सख्ती दिखा रहे हो, उतना ही शाबाशी इन 2 आरक्षकों को दो। *पब्लिक का भरोसा ऐसे ही कामों से बनता है।*

आरक्षक शाकिर खान और विपिन शुक्ला – इटारसी को आप पर नाज है। सलाम।

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