पावनसिटी समाचार पत्र की आज ब्रेकिंग न्यूज़

* पिछले 24 घंटों में जिले में 3.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

* नवोदय विद्यालय की कक्षा 6 में प्रवेश के लिये 31 जुलाई तक करें आवेदन

* जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत खरीफ 2026 में अधिसूचित फसलों का फसल बीमा किया जाएगा

* जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत खरीफ 2026 में अधिसूचित फसलों का फसल बीमा किया जाएगा

* वर्षा ऋतु में सर्पदंश से बचाव एवं सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी

* बारिश में सावधानी जरूर बरतें, बिजली आपूर्ति अवरुद्ध होने पर 1912 अथवा चैटवॉट 0755-2551222 पर संपर्क करें

* बारिश के मौसम में रखें इन बातों का ध्यान

हरदा – जिले में गत चौबीस घंटों में 3.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज की गई है। अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया गत चौबीस घंटे में हरदा तहसील में 2.5 मि.मी., टिमरनी में 3 मि.मी., खिरकिया में 1.4 मि.मी., सिराली में 6.7 मि.मी. तथा रहटगांव में 3 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। इस वर्ष अब तक जिले में 386.6 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी है। इस वर्ष अब तक हरदा तहसील में 418.1 मि.मी., टिमरनी में 421.2 मि.मी., खिरकिया में 438.4 मि.मी., सिराली में 316.4 तथा रहटगांव में 339.2 मि.मी. वर्षा दर्ज की गई। अधीक्षक भू-अभिलेख ने बताया कि गत वर्ष की 9 जुलाई तक 345.2 मि.मी. औसत वर्षा हो चुकी थी।

नवोदय विद्यालय की कक्षा 6 में प्रवेश के लिये 31 जुलाई तक करें आवेदन

हरदा – पीएम  जवाहर नवोदय विद्यालय चारूवा की कक्षा 6 वीं में प्रवेश के लिये निःशुल्क पंजीयन प्रारम्भ हो चुके हैं। प्राचार्य पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय चारूवा ने बताया कि यह प्रवेश परीक्षा 28 नवम्बर 2026 को आयोजित होगी। इस प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिये ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई निर्धारित है। अंतिम तिथि के बाद आवेदन में किसी भी प्रकार के सुधार के लिये पोर्टल 2 दिवस तक चालू रहेगा। विद्यार्थी 31 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उन्होने बताया कि प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित होने के लिये विद्यार्थी की जन्म तिथि 1 मई 2015 से 31 जुलाई 2017 के बीच होना चाहिए। आवेदक हरदा जिले का मूल निवासी होना चाहिए तथा हरदा जिले के किसी शासकीय या अर्द्धशासकीय अथवा मान्यता प्राप्त विद्यालय में सत्र 2026-27 में कक्षा 5 वीं में पूरे सत्र में अध्ययनरत हो। उन्होने बताया कि नवोदय विद्यालय की कक्षा छठवीं में प्रवेश के इच्छुक विद्यार्थी या उनके पालक स्कूल में प्रवेश के लिए आयोजित होने वाली प्रवेश परीक्षा में शामिल होने के लिए लिंक http://navodaya.gov.in अथवा https://cbseitms.rcil.gov.in/nvs/ के माध्यम से अपना पंजीयन करा सकते हैं।

 

जिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत खरीफ 2026 में अधिसूचित फसलों का फसल बीमा किया जाएगाजिले में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनान्तर्गत खरीफ 2026 में अधिसूचित फसलों का फसल बीमा किया जाएगा

हरदा – जिले में खरीफ 2026 में जिले स्तर पर मूंग और पटवारी हल्का स्तर पर सोयाबीन, मक्का, धान सिंचित, धान असिंचित अधिसूचित है। उप संचालक कृषि ने बताया कि किसान द्वारा देय प्रीमियम मूंग फसल का 618, सोयाबीन हेतु 766, मक्का हेतु 694, धान सिंचित हेतु 946, धान असिंचित हेतु 652 रुपए प्रति हेक्टेयर निर्धारित है। उन्होने अऋणी अथवा कालातीत (एन.पी.ए.) कृषक भाईयों से अनुरोध किया है कि वे कॉमन सर्विस सेन्टर अथवा बैंक के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज ऋण पुस्तिका, बैंक पासबुक व आधारकार्ड तथा बटाईदार कृषक के लिए आवश्यक दस्तावेज खोटनामा, ऋण पुस्तिका, बैंक पासबुक, आधारकार्ड एवं कृषि भूमि स्वामी का आधारकार्ड ले जाकर फसल बीमा करवा सकते है। इस हेेतु फार्मर आईडी भी बना हुआ होना आवश्यक है। उन्होने बताया कि फसल बीमा कंपनी के प्रतिनिधि ग्राम पंचायत स्तर पर भी प्रचार-प्रसार करने के लिए जा रहे है, किसान भाई इन प्रतिनिधियों से भी फसल बीमा संबंधी जानकारी ले सकते है। इसकेे अलावा फसल बीमा से संबंधित अधिक जानकारी के लिए भारत सरकार के कृषि रक्षक पोर्टल हेल्पलाईन नम्बर 14447 पर भी संपर्क किया जा सकते है।

वर्षा ऋतु में सर्पदंश से बचाव एवं सुरक्षा के लिए एडवाइजरी जारी

सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक में समय न गंवाएं, तत्काल निकटतम शासकीय अस्पताल पहुंचें

हरदा – वर्षा ऋतु में खेतों, झाड़ियों, जलभराव वाले क्षेत्रों तथा आवासीय परिसरों में सांपों की गतिविधियां बढ़ने के कारण सर्पदंश की घटनाओं की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सर्पदंश की स्थिति में घबराएं नहीं, बल्कि बिना समय गंवाए तत्काल निकटतम शासकीय अस्पताल पहुंचकर उपचार कराएं।

सीएमएचओ डॉ एच.पी. सिंह ने बताया कि जिले की सभी शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में सर्पदंश के उपचार के लिए आवश्यक दवाइयों के साथ एंटी-स्नेक वेनम (एएसवी) पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि समय पर सही उपचार मिलने से अधिकांश सर्पदंश पीड़ितों का सफल उपचार संभव है। उन्होंने बताया कि सर्पदंश होने पर पीड़ित को शांत एवं स्थिर रखें तथा अनावश्यक चलने-फिरने से बचाएं। दंश वाले स्थान को साफ पानी से धोकर स्वच्छ कपड़े से ढक दें और जिस अंग पर सांप ने काटा हो उसे यथासंभव स्थिर रखें। सूजन की संभावना को देखते हुए अंगूठी, कड़ा, घड़ी, बेल्ट अथवा अन्य आभूषण निकाल दें। यदि पीड़ित बेहोश हो या उल्टी की संभावना हो तो उसे करवट की स्थिति में लिटाकर अस्पताल ले जाएं। यदि सुरक्षित रूप से संभव हो तो चिकित्सक को सर्पदंश का समय तथा सांप का स्वरूप बताएं, लेकिन सांप को पकड़ने या मारने का प्रयास बिल्कुल न करें।

स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि सर्पदंश की स्थिति में झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र अथवा किसी भी प्रकार के अंधविश्वास का सहारा न लें। दंश वाले स्थान को काटने, चूसने या चीरा लगाने का प्रयास न करें तथा कसकर पट्टी न बांधें। बर्फ, तेल, मिट्टी, रसायन या किसी जड़ी-बूटी का उपयोग न करें और बिना चिकित्सकीय सलाह के कोई दवा न लें। उपचार में देरी करना जानलेवा साबित हो सकता है।

नागरिकों को सावधानी बरतने की भी सलाह दी गई है। खेतों, झाड़ियों अथवा अंधेरे स्थानों पर जाते समय पैरों को पूरी तरह ढकने वाले जूते पहनें, रात में हमेशा टॉर्च का उपयोग करें तथा हाथ या पैर किसी स्थान पर रखने से पहले वहां अच्छी तरह देख लें। फर्श पर सोने से बचें और आवश्यकता होने पर अच्छी तरह बंद मच्छरदानी का उपयोग करें। घर एवं आसपास साफ-सफाई बनाए रखें, झाड़ियां, कचरा एवं लकड़ियों के ढेर हटाएं तथा चूहों की संख्या नियंत्रित रखें, क्योंकि चूहे सांपों को आकर्षित करते हैं।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार काटे गए स्थान पर तेज दर्द या सूजन, पलकों का भारी होना, धुंधला दिखाई देना, अत्यधिक पसीना आना, मतली या उल्टी, सांस लेने में कठिनाई, कमजोरी अथवा बेहोशी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेना आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि सर्पदंश की किसी भी घटना में घबराने के बजाय तुरंत शासकीय अस्पताल पहुंचें। समय पर उपचार मिलने से अधिकांश मामलों में रोगी का जीवन बचाया जा सकता है।

 

बारिश में सावधानी जरूर बरतें, बिजली आपूर्ति अवरुद्ध होने पर 1912 अथवा चैटवॉट 0755-2551222 पर संपर्क करें

हरदा 9 जुलाई 2026/ आंधी-तूफान और बारिश जैसे मौसम में भी बिजलीकर्मी युद्ध स्तर पर काम करने में जुट जाते हैं। इस जोखिम भरे काम के लिए लाइनकर्मी इस बात को ध्यान में रखकर सुरक्षा उपकरणों के साथ ही खम्बे पर चढ़ते हैं। ऐसी स्थिति में विद्युत वितरण कंपनियों ने बिजली उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिजली कंपनी या बिजली कर्मचारियों को दोष देने से बचें तथा बिजली की आपूर्ति बहाल करने किए जा रहे सुधार कार्य में सहयोग करें।

आंधी-तूफान और बारिश में विद्युत आपूर्ति अवरुद्ध (लोकल फाल्ट) होने की घटना ज्यादा होती है। देर रात बिजली गुल होने के कुछ देर बाद आ जाती है। वैसे तो आधुनिकीकरण की दिशा में काम चल रहे हैं फिर भी बिजली की ओवर हेड लाइन का जाल ऐसा है कि उसे चालू अथवा बंद रखने के लिए लाइनकर्मी की ही जरूरत होती है। ऐसे मौसम में जब बिजली गुल होती है तो निश्चित ही अंधेरे में खुद की जान जोखिम में डालकर कोई लाइन कर्मचारी खम्बे पर चढ़ा होता है। यह बात उपभोक्ता को अपने जहन में रखना ही होगी। साथ ही बिजलीकर्मी द्वारा उठाए गए कदमों को समझना चाहिए।

बिजली के खम्बों में बिजली प्रवाहित न हो, इसके लिए आपने सफेद रंग के इंसुलेटर खम्बे में लगे होते हैं। यह इंसुलेटर धूप अथवा बिजली प्रवाह के कारण गरम होते हैं, उन पर बारिश में पानी की एक बूंद पड़ते ही वह चटक जाते हैं और बिजली का प्रवाह खम्बे से जमीन पर उतरता है। इस दौरान तत्काल आटोमेटिक प्रणाली क्रियान्वित होकर फीडर बंद हो जाते हैं। यदि फीडर बंद न हुआ तो जानमाल की हानि होने की संभावना होती है। जब बिजली लाइन में अचानक कोई अवरोध होता है, उस समय बिजली उपकेन्द्र के कर्मचारी समीप के उपकेन्द्र से संपर्क कर उनके यहां बिजली आपूर्ति है या नहीं, इसकी जानकारी लेते हैं। बिजली आपूर्ति सुचारू होने की बात पक्की होने के बाद ही फीडर चालू किया जाता है। यदि फीडर बंद हुआ है तो उसे खराब घोषित किया जाता है।

फीडर में आई खराबी या फाल्ट को ढूंढना आसान नहीं होता है। आंधी-तूफान, बारिश और अंधेरे की परवाह न करते हुए खोज मुहिम हाथ में ली जाती है, कभी बंद पड़ी बिजली के सभी खम्बों की जांच करना पड़ती है और कभी-कभी गड़बड़ी कुछ खम्बों के बीच ही मिल जाती है। इसलिए उपभोक्ता धैर्य का परिचय देते हुए सुधार कार्य में जुटे अमले का सहयोग अवश्य करें।

बारिश के मौसम में रखें इन बातों का ध्यान

मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने कहा है कि बारिश के दौरान कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखा जाए तो कई तरह के व्यवधानों से बचा जा सकता है। घर में एम. सी. बी. (मिनियेचर सर्किट ब्रेकर) स्वीच जरूरी लगाना चाहिए, जिससे घर की बिजली प्रवाह में कोई गड़बड़ी होने पर बिजली आपूर्ति स्वतः बंद हो जाती है और जानमाल की हानि को टाला जा सकता है। हर घर में अर्थिंग होना चाहिए जिसकी समय-समय पर जांच करना चाहिए। जहां पर बिजली उपकरण रखे हैं वहां पर सीलन नहीं होनी चाहिए। उनकी वायरिंग गीली जगह पर नहीं होना चाहिए। इसे सुरक्षित होना चाहिए।

पशुपालक किसान भाई बारिश के मौसम में इस बात का विशेष ध्यान रखें कि अपने पशुओं को बिजली के खम्बों तथा स्टे वायर से नहीं बांधना चाहिए। आंधी तूफान के कारण कई जगह बिजली के तार टूटकर रास्ते पर आ जाते हैं, ऐसे में टूटे हुए बिजली के तारों को हाथ न लगाएं तत्काल बिजली कंपनी को सूचित करें । भैंसों के तबेलों के आसपास बिजली आपूर्ति के लिए खुली वायरिंग न हों, इसका भी ध्यान रखें। बिजली आपूर्ति अवरूद्ध होने पर 15 से 20 मिनिट रूककर ही बिजली कंपनी के काल सेंटर 1912 अथवा 0755-2551222 (वाट्सएप चैट वॉट) या उपाय एप पर पर संपर्क करें।

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