पावनसिटी हरदा
मौक़े पर ही समस्याओं का किया त्वरित निराकरण
हरदा – ग्रामीणों की समस्याओं के तत्काल समाधान और शासन की कल्याणकारी योजनाओं को सीधे उन तक पहुंचाने के उद्देश्य से गुरूवार को ग्राम मकड़ाई में ‘सांझ चौपाल’ का आयोजन किया गया। चौपाल में कलेक्टर सिद्धार्थ जैन ने स्वयं उपस्थित होकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और उन की एक-एक कर समस्याएं सुनीं। चौपाल में कलेक्टर के साथ पुलिस अधीक्षक शशांक, वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ज्योति मुड़िया, जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती अंजली जोसेफ जोनाथन, सरपंच श्रीमती प्रमिला बाई भुरेलाल, अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी प्रवीण इवने, एसडीएम खिरकिया सुश्री शिवांगी बघेल सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तर के अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों द्वारा प्रस्तुत की गई शिकायतों और समस्याओं का अधिकारियों ने गंभीरता से संज्ञान लिया और उनका त्वरित निराकरण किया।
51 आवेदनों में से 80 प्रतिशत का मौके पर समाधान
चौपाल के दौरान ग्रामीणों द्वारा राजस्व, पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य, पेंशन, राशन एवं अन्य विभागों से संबंधित कुल 51 आवेदन प्रस्तुत किए गए। कलेक्टर श्री जैन के निर्देश पर अधिकारियों ने इनमें से 40 आवेदनों, अर्थात 80 प्रतिशत, का मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया। शेष आवेदनों के शीघ्र निराकरण के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि इनकी जानकारी ग्राम पंचायत सचिव के माध्यम से आवेदकों को दी जाएगी।
एसपी शशांक ने चौपाल में ग्रामीणों को साइबर सुरक्षा व सड़क सुरक्षा के प्रति किया जागरूक
सांझ चौपाल में पुलिस अधीक्षक श्री शशांक ने ग्रामीणों को साइबर अपराध और सड़क हादसों से बचाव की जानकारी दी। उन्होंने इस दौरान वर्तमान समय के साइबर अपराधों के प्रकारों और इनसे बचने के तरीकों की जानकारी दी। उन्होने सभी को पूर्ण सतर्कता और सावधानी के साथ डिजिटल काम, बैंकिंग कार्य, सोशल मीडिया का उपयोग करने, बिना सोचे समझे अनजान मैसेज व लिंक पर क्लिक न करने और ओटीपी या अपनी निजी जानकारी किसी भी अनजान व्यक्ति से कभी शेयर ना करने आदि बातों की समझाईश दी। साथ ही एसपी ने सड़क सुरक्षा पर जोर देते हुए कहा कि शराब पीकर वाहन न चलाएं। ज्यादातर सड़क हादसे नशे में गाड़ी चलाने से होते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि बाइक चलाते समय हेलमेट जरूर पहनें। अपनी और दूसरों की जान की सुरक्षा के लिए ट्रैफिक नियमों का पालन करें।
वन मंडल अधिकारी ने बांस मिशन के संबंध में दी जानकारी
वनमण्डलाधिकारी श्रीमती ज्योति मुड़िया ने ग्रामीणों को बांस मिशन योजना की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को बांस परिवहन के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अगर आप लोगों को बांस का परिवहन करना है तो सबसे पहले रेंज वन विभाग को आवेदन देना होगा एवं वन विभाग से अनुमति के पश्चात ही परिवहन कर सकते हैं। कुछ बांस परिवहन मामले में केवल पंचायत को अधिकार है। श्रीमती मुड़िया ने बताया कि वन्य प्राणी से जनहानि होने पर मिलने वाली अनुदान राशि की जानकारी दी।
योजनाओं की जानकारी दी एवं आवेदन प्राप्त किए
चौपाल के दौरान केवल समस्याओं का निवारण ही नहीं हुआ, बल्कि विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने शासन की कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी ग्रामीणों को दी। पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ उठाने की पूरी प्रक्रिया समझाई गई। इसके साथ ही नए पात्र हितग्राहियों से स्थानीय स्तर पर ही योजनाओं का लाभ देने के लिए आवेदन भी प्राप्त किए गए, ताकि कोई भी जरूरतमंद योजना के लाभ से वंचित न रहे।
चौपाल मेंग्रामीण श्री गुड्डू कोरकू एवं श्री लक्ष्मण ने जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया है जिस पर उन्होंने तहसीलदार सिराली को एक सप्ताह में निराकरण कर प्रमाण पत्र देने के निर्देश दिए। ग्राम आमाखाल के ग्रामीण श्री राजाराम ने बंटवारे एवं सीमांकन के लिए आवेदन दिया, जिस पर तहसीलदार सिराली को निराकरण करने के निर्देश दिए। ग्रामीण गोदावरी बाई ने कल्याणी पेंशन के लिए आवेदन दिया, जिस पर उन्होंने खिरकिया जनपद सीईओ श्री प्रवीण इवने को तत्काल आवेदन का निराकरण करने के निर्देश दिए। ग्राम नानी मकड़ाई के ग्रामीणों ने आवेदन देकर बताया कि नल जल योजना का ट्रांसफार्मर खराब हो गया है जिस पर उन्होंने महाप्रबंधक विधुत विभाग को निराकरण करने के निर्देश दिए। ग्रामीण रामसिंग ने आंगनबाड़ी भवन डिस्मेंटल करने के लिए आवेदन किया, जिस पर उन्होंने महिला बाल विकास अधिकारी को निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने डीपीओ, महिला एवं बाल विकास को नवीन भवन निर्माण का प्रस्ताव तत्काल शासन को भेजने के निर्देश दिए। चौपाल में कलेक्टर श्री सिध्दार्थ जैन ने साध्वी कुमरे पुत्री श्री अजय कुमरे को लाड़ली लक्ष्मी योजना का प्रमाण पत्र दिया।
स्वास्थ्य शिविर का हुआ आयोजन
‘सांझ चौपाल’ के समानांतर स्वास्थ्य विभाग द्वारा ग्रामीणों के लिए एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का भी आयोजन किया गया। इस शिविर में डॉक्टरों की टीम ने ग्रामीणों के स्वास्थ्य की जांच की, उन्हें जरूरी चिकित्सकीय परामर्श दिया और आवश्यकतानुसार निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया।

