पावनसिटी  खण्डवा
खण्डवा – भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती के उपलक्ष्य में 10 से 14 अप्रैल के बीच प्रदेश के सभी जिला एवं विकासखंड मुख्यालयों पर समारोहपूर्वक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में सोमवार को खण्डवा के किशोर कुमार सभागृह खण्डवा में जिला स्तरीय आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम में प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा खण्डवा जिले के प्रभारी मंत्री  धर्मेंद्र सिंह लोधी ने वर्चुअली संबोधित किया। कार्यक्रम में स्वच्छताकर्मी  हुकुमलाल नाहर तथा समाज के वरिष्ठजनों  नानूराम मांडले, मोहन रोकड़े, दिग्विजय सिंह तोमर, मनोहरलाल निशोद तथा अनिल पाटिल का सम्मान शॉल व श्रीफल प्रदान कर किया गया। इस दौरान डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के जीवन दर्शन पर आधारित परिचर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें गणेश कनाडे और प्रो. प्रतापराव कदम ने डॉ. अंबेडकर के जीवन दर्शन, विचारों, लोकतंत्र के लिए उनके योगदान तथा संविधान निर्माण में उनकी भूमिका पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर महाविद्यालय के छात्र  इनेश रावत ने डॉ. अंबेडकर के जीवन दर्शन पर विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में कलेक्टर ऋषव गुप्ता, पुलिस उप महानिरीक्षक  मनोज कुमार राय, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा, नगर निगम अध्यक्ष  अनिल विश्वकर्मा, पुनासा के एसडीएम  पंकज वर्मा, जिला भाजपा अध्यक्ष  राजपाल सिंह तोमर एवं पूर्व अध्यक्ष  सेवादास पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद थे। कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन सहायक आयुक्त श्री बजरंग बहादुर सिंह ने किया। कार्यक्रम का संचालन श्री संदीप जोशी ने किया।
प्रभारी मंत्री  लोधी ने वर्चुअली संबोधित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के निर्माण में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर का सर्वाधिक महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बताया कि यह सप्ताह महिला सशक्तिकरण के लिए ऐतिहासिक है। संसद का तीन दिवसीय विशेष सत्र 16 अप्रैल को आरंभ हो रहा है, जिसमें महिला आरक्षण के लिए “नारी शक्ति वंदन अधिनियम-2023” स्वीकृति के लिए प्रस्तुत किया जाएगा। हमारे देश की नारी शक्ति को लोकसभा और विधानसभा में 33 प्रतिशत स्थान मिलना चाहिए। राज्य सरकार भी 10 अप्रैल से 25 अप्रैल तक “नारी शक्ति वंदन” पखवाड़ा मना रही है। पूरे प्रदेश में इस दौरान बड़े स्तर पर नारी शक्ति वंदन सम्मेलन आयोजित होंगे, इसके साथ ही ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र में नारी शक्ति पदयात्रा भी निकाली जाएंगी।
महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने इस अवसर पर कहा कि डॉ. अम्बेडकर ने अभावपूर्ण जीवन जीकर उच्च शिक्षा ग्रहण की और 32 डिग्रियां हासिल कीं। उन्होंने कहा कि हमारे लिए यह गर्व की बात है कि डॉ. अम्बेडकर का जन्म मध्यप्रदेश के इन्दौर जिले के महू में हुआ था। प्रदेश सरकार ने महू में अम्बेडकर स्मारक निर्मित कराया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में डॉ. अम्बेडकर से जुड़े पंचतीर्थों का विकास गत वर्षों में हुआ है। जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वानखेड़े ने इस अवसर पर डॉ. अम्बेडकर के जीवन चरित्र के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. अम्बेडकर हमेशा कहा करते थे कि “गरीब वही है, जो शिक्षित नहीं है।” उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार और प्रदेश सरकार शिक्षा के प्रचार प्रसार और दूरस्थ क्षेत्रों तक शिक्षा की उपलब्धता के लिए सराहनीय कार्य कर रही है

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