पावनसिटी हरदा
संपादक सैयद अशफाक अली
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1 अतिथि शिक्षक के खाते में लाखों के भुगतान का मामला, जांच में शिकायत सही मिलने के संकेत
2 अधिकारी मेहरबान अतिथि शिक्षक के खाते में लाखों रुपए के भुगतान
हरदा। जिले की तहसील सिराली स्थित पीएम श्री शासकीय कन्या माध्यमिक शाला सिराली में अतिथि शिक्षक के खाते में लाखों रुपए के भुगतान का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। यह सारी जानकारी सत्यापित दस्तावेजों के आधार पर है यह दस्तावे उनके ही विभाग द्वारा आर टी आई के माध्यम से दिए गए
जिस से पूरा मामला का खुलासा हुआ है मामले में पद के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए गए हैं। लोकायुक्त के निर्देश पर हुई जांच में शिकायत के बिंदुओं का मिलान होने की बात सामने आई है।
शिकायतकर्ता एवं आरटीआई एक्टिविस्ट गोविंद सकतपुरिया ने आरोप लगाया था कि माध्यमिक शिक्षक श्रीमती मीना शाह एवं प्राथमिक शिक्षक शशिकला कनोजिया द्वारा अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अतिथि शिक्षक प्रमोद मालवीय के खाते में लाखों रुपए का भुगतान किया गया। शिकायत के समर्थन में प्रमाणित दस्तावेज भी अधिकारियों को सौंपे गए थे।
मामले की शिकायत बीईओ, डीपीसी हरदा, जिला पंचायत हरदा, जिला शिक्षा अधिकारी हरदा, जिला कलेक्टर हरदा, संभागायुक्त नर्मदापुरम, जॉइंट डायरेक्टर नर्मदापुरम, मुख्यमंत्री कार्यालय भोपाल, ईओडब्ल्यू भोपाल, लोकायुक्त भोपाल, प्रधानमंत्री कार्यालय नई दिल्ली एवं राष्ट्रपति कार्यालय नई दिल्ली तक भेजी गई थी।
लोकायुक्त के निर्देश के बाद दिनांक 20 मई 2026 को डीपीसी हरदा एवं जिला शिक्षा अधिकारी हरदा द्वारा विद्यालय पहुंचकर जांच की गई। जांच के दौरान विद्यालय के शिक्षकों की मौजूदगी में दस्तावेजों का परीक्षण किया गया।
जांच के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि शिकायत में बनाए गए सभी बिंदुओं का मिलान हो गया है तथा अतिथि शिक्षक के खाते में इस प्रकार भुगतान नहीं किया जाना चाहिए था। इस बयान के बाद मामले को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।
वहीं शिकायतकर्ता गोविंद सकतपुरिया ने कहा कि शिकायत में लगाए गए समस्त दस्तावेजों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि जांच में गंभीरता नहीं दिखाई गई और मामले को दबाने का प्रयास किया गया तो वह माननीय न्यायालय की शरण लेकर केस दर्ज कराने की बात कहीं है।
अब सभी की नजर प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई है। जांच रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को भेजी जा रही है, जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी।

