खंडवा – जिला चिकित्सालय सह मेडिकल कॉलेज खंडवा में गत दिनों निहालवाड़ी निवासी श्रीमती आरती पति यशवंत प्रसव पीड़ा के साथ भर्ती हुई थी l जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि गर्भ में बच्चे की धड़कन कम हो रही थी। बच्चे की जान को खतरा देखते हुए निश्चेतना विशेषज्ञ डॉक्टर भावना एवं डॉ आरुषि ने तुरंत सी-सेक्शन सिजेरियन ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। ऑपरेशन के बाद महिला को अत्यधिक रक्तस्राव होने लगा, जिससे उसकी हालत बेहद नाजुक हो गई और जान पर बन आई।

आरती की गंभीर हालत देख तुरंत डॉ. निशा पवार एवं डॉक्टर लक्ष्मी डूडवे को कॉल किया गया और इमरजेंसी में हिस्टेपटॉमी ऑपरेशन करने का निर्णय लिया, ताकि उसकी जान बचाई जा सके। प्रसूता को लगातार 12 बोतल खून चढ़ाया, आवश्यक ब्लड कंपोनेंट्स और दवाएं दी गईं, जिससे खून बहना बंद हुआ और महिला की स्थिति स्थिर होने के बाद महिला को आईसीयू में शिफ्ट कर वेंटीलेटर पर रखा गया। डॉक्टर निशा पवार, डॉक्टर लक्ष्मी डुडवे, नर्सिंग ऑफिसर छाया चौहान एवं मनीषा बोडिया द्वारा लगातार तीन दिन तक नियमित निगरानी करते हुए मरीज का उपचार किया l जिला अस्पताल में अच्छी देखभाल और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के कारण आरती के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार हुआ, जिसकी वजह से उसकी जान बच गई। अब जच्चा बच्चा पूरी तरह स्वस्थ हैं।

आरती के पति यशवंत का कहना है कि जिला अस्पताल की टीम के विशेष प्रयासों से उसकी पत्नी और बच्चे की जान बच सकी, इसके लिए वह और उसका परिवार जिला अस्पताल की टीम का बहुत आभारी है। यशवंत ने बताया कि आयुष्मान कार्ड धारक होने से आयुष्मान भारत योजना के तहत उसकी पत्नी का पूरा इलाज निशुल्क हो गया। इसके लिए वह  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार प्रकट करता है।

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