पावनसिटी हरदा
होटल और दुकानों से लिए गए दाल, मिठाई और तेल के सैंपल
हरदा- मिलावटखोरी के विरुद्ध प्रदेशव्यापी अभियान के तहत कलेक्टर सिद्धार्थ जैन के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा विभाग ने हरदा जिले के विभिन्न प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक निरीक्षण और सैंपलिंग की कार्रवाई की है। इस दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग के दल ने होटल बागवान से बनी हुई तुअर दाल व ग्रेब्री, पुरोहित स्वीट्स से श्रीखंड व बेसन लड्डू, जलाराम इंडस्ट्रियल एरिया से तेल का सैंपल, राजस्थान मिष्ठान भंडार से मावा पेड़ा तथा श्री राम ऑयल इंडस्ट्रीज से 2 सोयाबीन तेल के सैंपल लेकर खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा। खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेन्द्र कांबले ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्यवाही की जाएगी। कांबले ने बताया कि इसके साथ ही चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला से इन दुकानों से मावा कतली, मावा पेड़ा, मलाई पेड़ा, केसर पेड़ा, मिल्क केक, सोया तेल, पनीर, लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर, बटर, श्रीखंड, काजू कतली, लस्सी, रसमलाई एवं सोयाबीन तेल के सैंपल लिए गए। कार्यवाही के दौरान एसडीएम हरदा श्री अशोक डेहरिया, नायब तहसीलदार श्री हिमांशु परते, खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेंद्र कांबले, केमिस्ट हेमंत कीर के साथ सहायक ब्रजेश पटेल उपस्थित रहे।
ग्रामीणजन विद्युत से सुरक्षा के लिये बरतें सावधानियॉ
हरदा विद्युत वितरण कंपनियों ने ग्रामीणजनों को आगाह किया है कि वे अपने खेत-खलिहानों में विद्युत से सुरक्षा के लिये सावधानियां जरूर बरतें। अक्सर देखा गया है कि ग्रामीण क्षेत्रों में असावधानीवश विद्युत से कई बार अप्रिय घटनाएं घट जाती हैं। यह दुर्घटनाएं कईं बार जान-माल का नुकसान भी कर देती हैं। इनसे बचने के लिए ग्रामीणजनों से सावधानी बरतने की अपील करते हुए कंपनी ने कहा है कि कभी भी विद्युत लाइनों, उपकरणों एवं खंभों से छेड़खानी न करें क्योंकि ऐसा करना विद्युत अधिनियम 2003 के अंतर्गत दण्डनीय अपराध है।
कंपनी ने कहा कि जरा भी असावधानी या छेड़खानी से बड़े-बड़े खतरे पैदा हो सकते हैं। इसलिए ऐसी लाइनें जिनमें विद्युत शक्ति प्रवाहित होती है उन्हें ऑंधी तूफान या अन्य किसी कारण से टूटने वाले तारों को अकस्मात् छूने का प्रयास न करें। इस दौरान जरूरी होगा कि लाइन टूटने की सूचना तत्काल निकटस्थ बिजली कंपनी के अधिकारी को अथवा विद्युत कर्मचारी को दें।
किसानों को सलाह है कि वे खेतों खलिहानों में ऊॅंची-ऊंची घास की गंजी, कटी फसल की ढेरियां, झोपड़ी, मकान अथवा तंबू आदि विद्युत लाइनों के नीचे अथवा अत्यंत समीप न बनायें। साथ ही विद्युत लाइनों के नीचे से अनाज, भूसे आदि की ऊँची भरी हुई गाड़ियाँ न निकालें। इससे आग लगने का खतरा है। बहुत से स्थानों पर बच्चे पतंग अथवा लंगर का खेल खेलते समय धागे और डोर विद्युत लाइनों में फंसा देते हैं। ऐसा करने से उन्हें रोकें। लाइनों में फंसी पतंग निकालने के लिए बच्चों को कभी भी खंभे पर न चढ़ने दें।
वृद्धाश्रम हरदा में एक दिवसीय ’’वृहद विधिक आउटरीच एवं जागरूकता शिविर 28 मार्च को होगा
हरदा,- मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के निर्देशन एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश व अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरदा अरविंद रघुवंशी के मार्गदर्शन में 28 मार्च को ’’वृद्धाश्रम हरदा’’ में एक दिवसीय वृहद् विधिक आउटरीच एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में संबंधित शासकीय विभागों जैसे श्रम, महिला एवं बाल विकास, सामाजिक न्याय, स्वास्थ्य, शिक्षा, ग्रामीण विकास, पुलिस द्वारा उपस्थित आमजन को शासकीय योजनाओं की जानकारी दी जावेगी। शिविर का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से हाशिए पर स्थित आर्थिक व सामाजिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों को उनके विधिक अधिकारों, निःशुल्क विधिक सेवाओं की उपलब्धता, विभिन्न शासकीय और नालसा योजनाओं से अवगत कराना है।
सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा चन्द्रशेखर राठौर ने सभी आमजनों व वृद्धजनों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित रहकर विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ लेने की अपील की है।
जिला जेल हरदा में दिव्यांगों की मदद और आरपीडब्यूडी एक्ट पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित
हरदा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा गत दिवस जिला जेल हरदा में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जेल स्टाफ और उपस्थित जनों को आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 के प्रावधानों से अवगत कराना और दिव्यांगों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाना था। प्रशिक्षण के दौरान विभागीय विशेषज्ञों ने बताया कि यदि जेल में कोई मानसिक या शारीरिक रूप से दिव्यांग बंदी आता है, तो उसके साथ कैसा व्यवहार किया जाना चाहिए। प्रशिक्षकों ने इस बात पर जोर दिया कि दिव्यांगों को कभी यह अहसास नहीं होने देना चाहिए कि वे अक्षम हैं। मानवता के नाते उनकी हर संभव मदद करना हमारा सर्वाेपरि कर्तव्य है। प्रशिक्षण में बताया गया कि बाहर कही भी अगर आपको दिव्यांग निशक्त व्यक्ति दिखे तो थोड़ी सी मदद जरूर करें। आपका अच्छा कार्य किसी के मुस्कान का कारण बन सकता है। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आरपीडब्ल्यूडी एक्ट 2016 को बताना था। प्रशिक्षण में आरपीडब्ल्यूडी एक्ट के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।

