Gazal: अपनी जिन्दगी की हकीकत बया नहीं कर पाऊंगा मैं,
अपनी जिन्दगी की हकीकत बया नहीं कर पाऊंगा मैं, लफजों में छुपाऊंगा या अक्सों में ढल जाऊंगा मैं, बहुत गहरा…
Gazal: खिलौनों की तरह बिखर जाएगें हम,
खिलौनों की तरह बिखर जाएगें हम, फूलों की तरह सिमट जाएगें हम, हमें इतना न सताना ऐ जिन्दगी, मौत से…
Gazal फूल हमें सिखाते है,
फूल हमें सिखाते है, काटों में रहकर कैसे मुस्कुराते हैं, फूल हमें सिखाते है, अपनी खुश्बू से कैसे दूसरों की…
