पावनसिटी समाचार हरदा
ग्राम पंचायत पलासनेर सरपंच के द्वारा पत्रकार के विरोध में की गई झूठी शिकायत कि गई जिसके विरोध में हरदा जिले पत्रकारो द्वारा कलेक्टर एव एएसपी को ज्ञापन सोपा
हरदा जिले के समस्त पत्रकार साथी द्वारा कलेक्टर एवं एएसपी को ग्राम पंचायत पलासनेर में चल रहे घटनाक्रम पर ध्यान केंद्र किया गया विगत दिनों में पलासनेर पंचायत के भ्रष्टाचार के विरोध में एक जांच दल गठित की गई थी जिसकी जांच के लिए पलासनेर गए जांच टीम के दल के साथ ओमप्रकाश गुर्जर सचिव पलासनेर साथ में मौजूद थे जांच के दौरान सचिव गुर्जर को अचानक हृदय गति रुक गई थी जिससे उन्हें अस्पताल में लाया गया वहां पर डॉक्टरों ने उसने मृत्यु घोषित कर दिया गया इस मुद्दे से पलासनेर में सरपंच के द्वारा अमित बिले एवं राजेंद्र बिल्लौरे के खिलाफ कलेक्टर और एस पी में शिकायत की थी पलासनेर सरपंच श्रीमती सरोज चौरसिया द्वारा हमारे पत्रकार साथी पर ₹50000 की मांग के गंभीर आरोप लगाएं पूर्णता में निराधार आरोप लगाएं जा रहे हैं पूर्व में भी में ऐसी मौखिक शिकायत की गई थी जिसका कोई साक्षी प्रमाण पत्र आज तक प्रस्तुत नहीं किया गया
सचिव ओम प्रकाश गुर्जर की मृत्यु पर राजनीति कर रहे हैं
ओम प्रकाश गुर्जर के निधन एक अत्यंत दुखद घटना है इसका हरदा के सभी पत्रकार साथियों के शोक संवेदना व्यक्त करते हैं किंतु अत्यंत खेत का विषय यह है कि सरपंच महोदय ने इस घड़ी पर भी राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश की जा रही है अंतिम संस्कार से उन्होंने सचिव संघ जांच को यदि सबको के लिए पत्रकारों के खिलाफ शिकायत शुरू कर दी है लेकिन साथ ही सरपंच की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए। ज्ञापन के अनुसार, सरपंच ने सचिव की मृत्यु का फायदा उठाते हुए अंतिम संस्कार से पहले ही ‘सहानुभूति कार्ड’ खेलना शुरू कर दिया। सचिव-सरपंच संघ को गुमराह कर पत्रकारों के खिलाफ अनैतिक दबाव बनाया जा रहा है ताकि पंचायत में चल रही रिकवरी की जांच प्रभावित हो सके।
जिन दोनों पत्रकार साथियों पर इन्होंने गंभीर आरोप लगाए वह विगत कई वर्षों से पत्रकारिता करते आ रहे हैं आज तक उनके द्वारा किसी भी तरह की प्रशासन के पास कोई शिकायत नहीं है वे जनता के हित में खबरें प्रकाशित करते हैं और शासन प्रशासन को जनता के मूल समस्याओं से अवगत करा कर जनता की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन को अवगत करते है क्या कोई पत्रकार को जनहित मुद्दे उठाने का संवैधानिक अधिकार भारत सरकार ने दिया हुआ है भारत सरकार की गाइडलाइन के अनुसार ही इन दोनों पत्रकारों ने पंचायत में हो रहा है भ्रष्टाचार के खिलाफ खबर पहले प्रकाशित की थी इसके बाद एक जांच चल रही थी जो इसकी जांच कर रहा था इसमें इन दोनों पत्रकारों का केवल भ्रष्टाचार के मिला खबरें प्रकाशित किया गया था
हरदा जिले के समस्त पत्रकार साथियों ने आज कलेक्टर एएसपी को ज्ञापन शोपा कर निष्पक्ष जांच की मांग की और हमारे पत्रिका साथी राजेंद्र बिल्लोरे एवं अमित बिले के खिलाफ झूठी शिकायत की निष्पक्ष जांच करने उनके खिलाफ की गई शिकायत खारिज करने की मांग की गई

