पावनसिटी हरदा
हरदा-किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के निर्देशानुसार वर्ष 2026 को “कृषि वर्ष” के रूप में मनाए जाने के क्रम में जिले में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदेश में वर्ष 2026 को “कृषि वर्ष” घोषित किया गया है।
इसी परिप्रेक्ष्य में सोमवार को जिले में नरवाई प्रबंधन विषयक कार्यशाला का आयोजन एग्रो सॉल्यूशन, सोनालिका कंपनी एवं किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित रहे।
कार्यशाला के दौरान किसानों को ग्रीष्मकालीन मूंग के स्थान पर उड़द, मूंगफली एवं तिल जैसी वैकल्पिक फसलों के उत्पादन हेतु प्रोत्साहित किया गया। साथ ही फसल कटाई उपरांत शेष अवशेष (नरवाई) के वैज्ञानिक प्रबंधन पर विशेष जोर दिया गया। किसानों को बताया गया कि सुपरसीडर, मल्चर, रोटावेटर जैसे उन्नत कृषि यंत्रों का उपयोग कर नरवाई को खेत में ही मृदा में अपघटित किया जा सकता है, जिससे भूमि की उर्वरता बढ़ती है तथा पर्यावरण संरक्षण में भी सहायता मिलती है।
कार्यक्रम में उन्नत कृषि यंत्रों का लाइव प्रदर्शन भी किया गया, जिसे किसानों ने उत्साहपूर्वक देखा। उपस्थित किसानों को नरवाई न जलाने की शपथ दिलाई गई तथा रासायनिक उर्वरकों का संतुलित मात्रा में उपयोग करने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यशाला में उप संचालक कृषि श्री जे.एल. कास्दे, सहायक संचालक उद्यानिकी श्री विजय सिंह सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने किसानों से अपील की कि वे पर्यावरण संरक्षण एवं मृदा स्वास्थ्य सुधार के लिए नरवाई जलाने की प्रथा को पूर्णतः त्यागें और आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग अपनाएं।

