पावनसिटी समाचार पत्र हरदा
संपादक अशफाक अली
जिला कांग्रेस कमेटी द्वारा जिला प्रभारी श्रीमती रचना जैन जी की के नेतृत्व में समन्वय समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक होटल बागवान में आयोजित की गई बैठक में जिला में जिला कार्यकारणी , मंडलम अध्यक्ष एवं पंचायत कमेटी, वार्ड कमेटियों के गठन को लेकर चर्चा की गई जिला प्रभारी श्रीमती रचना जैन जी ने सभी ब्लाक अध्यक्षों को 20 फरवरी तक मंडलम अध्यक्ष सेक्टर अध्यक्ष एवं पंचायत कमेटी एवं वार्ड कमेटियों के गठन का निर्देश दिया गया है साथ ही गांव गांव जा कर किसानों से एवं मजदूर वर्ग के साथियों के साथ मंडलम एवं ग्राम पंचायत में चौपाल चर्चा शुरू कर भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों चर्चा कर आगामी समय में जिला स्तर पर आंदोलन की रूप रेखा बनाए ऐसे अन्य अनेक बिंदुओं पर चर्चा की गई बैठक में सभी सदस्यों ने अपने अपने विचार रखे कार्यक्रम के अंत में पुलवामा में हुए आतंकी हमले में शहीद हुए जवानों को दो मिनट का मौन रख कर श्रद्धांजलि अर्पित की आज की बैठक में मुख्य रूप से जिला कांग्रेस अध्यक्ष मोहन साईं हरदा विधायक डॉक्टर रामकिशोर दोगने टिमरनी विधायक अभिजीत शाह राजीव गांधी पंचायती राज संगठन के राष्ट्रीय सलाहकार हेमंत टाले पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष शेर सिंह तोमर पूर्व जिला अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण पंवार वरिष्ठ कांग्रेस नेता बद्री पटेल किसान कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश यादव किसान कांग्रेस प्रदेश महामंत्री रविशंकर शर्मा खिरकिया नगर अध्यक्ष आशुतोष कोठारी विजय सुरमा महिला कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रमिला सिंह ठाकुर ब्लाक अध्यक्ष गोविंद व्यास ब्लाक अध्यक्ष शंकर सोलंकी ब्लाक अध्यक्ष रामदीन पटेल ब्लाक अध्यक्ष विक्रम सिंह चौहान नेता प्रतिपक्ष अमर रोचलानी युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष योगेश चौहान संजय जैन अनिल बिश्नोई रामचरण सिंधे पुरुषोतम कलम प्रेरक सारण सहित अन्य साथी उपस्थित थे
किसान विरोधी बजट : मोहन साईं
सरकार का बजट बिल्कुल निराशा जनक है किसानों के लिए बजट में कुछ भी नहीं है ना तो एम एस पी पर किसानों की फसल खरीदी का कोई प्रावधान है ना समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी पर बोनस के लिए कोई बात कही है किसानों को गेहूं खरीदी पर 500 रुपए प्रति क्विंटल बोनस देने का बजट में बात रखनी थी जब उद्योगपतियों का कर्ज सरकार माफ करती है तो किसानों का भी कर्ज माफी का बजट में देना था किसानों का कर्जा माफ होना चाहिए गरीब वर्ग के लिए भी बजट में कोई प्रावधान नहीं है महंगाई से आम जनता त्रस्त है गरीबों को रसोई गैस फ्री करना था ग्रामीण क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि तीन लाख रुपए हर हितग्राही के लिए करना था जब शहरों में प्रधानमंत्री आवास योजना की राशि दो लाख 50 हजार रुपए दी जाती है तो ग्रामीण हितग्राही को तो समान बाजार से गांव ले जाना पड़ता है उसकी राशि 3 लाख करना था किसानों पर बने बिजली कंपनी या बैंक वसूली के प्रकरण की राशि की भरपाई सरकार को करनी थी क्योंकि किसान विगत पांच वर्ष से कभी अधिक बारिश तो कभी प्राकृतिक आपदा के कारण कर्ज तले दब चुका है बेतहाशा महंगाई से किसान की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है सरकार को किसान कर्ज माफी करना चाहिए

