पावनसिटी हरदा
4.48 करोड़ के अवार्ड हुए पारित, कुल 804 पक्षकारगणों को मिला सीधा लाभ
प्री-लिटिगेशन स्तर पर कुल 999 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 99,61,375 रूपये की वसूली की गई तथा 1010 लोगों को सीधा लाभांवित किया गया
हरदा – प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा अरविंद रघुवंशी के कुशल मार्गदर्शन में जिला न्यायालय हरदा एवं व्यवहार न्यायालय खिरकिया तथा व्यवहार न्यायालय टिमरनी, जिला हरदा में शनिवार को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया । लोक अदालत में जिले में कुल 13 खण्डपीठ बनाई थी, जिसमें से 12 खण्डपीठ न्यायालयों की, 01 खण्डपीठ उपभोक्ता फोरम की बनाई गई थी।
लोक अदालत में गठित खण्डपीठों द्वारा सुलह समझौते के आधार पर कुल 462 लंबित प्रकरणों का निराकरण किया गया तथा 4,48,87,263/- (चार करोड़ अड़तालीस लाख सत्यासी हजार दो सौ तिरेसठ रूपये) के अवार्ड पारित किए गए तथा कुल 804 लोगों को सीधा लाभांवित किया गया। इसी तरह प्री-लिटिगेशन स्तर पर कुल 999 प्रकरणों का निराकरण किया गया, जिसमें 99,61,375/- (निन्यावने लाख इकसठ हजार तीन सौ पिचहत्तर मात्र) रूपये की वसूली की गई तथा 1010 लोगों को सीधा लाभांवित किया गया।
लोक अदालत में पक्षकारगणों को गठित खण्डपीठों द्वारा दी गई समझाईश के उपरांत पक्षकारगण अपने-अपने प्रकरणों को समाप्त करने के लिए राजी हुए। पक्षकारगणों को उनके राजीनामें करने पर प्रकरण समाप्त होने पर स्मृति स्वरूप फलदार वृक्ष भेंट किए गए तथा उन्हें उनके उज्जवल भविष्य की कामना के साथ विदा किया गया

मोटर दुर्घटना मामले में पीड़ित को नेशनल लोक अदालत में मिला न्याय
हरदा- प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा  अरविंद रघुवंशी के कुशल मार्गदर्शन में जिला न्यायालय हरदा एवं व्यवहार न्यायालय खिरकिया तथा व्यवहार न्यायालय टिमरनी, जिला हरदा में को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया
लोक अदालत में खण्डपीठ क्रमांक 01 के पीठासीन अधिकारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश  अरविंद रघुवंशी के समक्ष उनके न्यायालय में लंबित एक प्रकरण जिसमें आवेदक मोहनलाल का पुत्र राज कुशवाहा 25 अप्रैल 2025 को सुबह लगभग 9 बजे अपनी मोटरसाइकिल से मजदूरी करने गया था। शाम को वापस आते समय लगभग 7 बजे ग्राम छिदगांवमेल के पास अभियुक्त कल्लूसिंह द्वारा अपने ट्रेक्टर को तेजी व लापरवाही से चलाकर राज कुशवाहा की मोटरसाईकिल में टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
प्रकरण के विचारण के दौरान उभयपक्ष द्वारा विचारण न्यायालय के समक्ष प्रकरण में राजीनामा की मंशा जाहिर की। अतः प्रकरण में मीडिएशन कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों द्वारा स्वेच्छया राजीनामा किया गया है। राजीनामा अनुसार अभियुक्त द्वारा मृतक के पिता को 7,35,000/-(सात लाख पैंतीस हजार रूपये) भुगतान करने हेतु सहमति प्रदान की गई, जिसमें से अभियुक्त के द्वारा 3,67,500/- (तीन लाख सडसठ हजार पांच सौ रूपये) नेशनल लोक अदालत में न्यायालय के समक्ष मृतक के पिता को नगद दिये गये तथा शेष राशि 3,67,500/- (तीन लाख सडसठ हजार पांच सौ रूपये) का भुगतान 3 माह के फसल कटाई उपरांत किये जाने का आश्वासन दिया गया। इस प्रकार प्रकरण का निराकरण उभयपक्ष के मध्य आपसी सहमति द्वारा राजीनामा के आधार पर नेशनल लोक अदालत में किया गया। इस अवसर पर दोनों पक्षों को पौधे भेंट किये गये। इस प्रकार दोनों पक्षों की आपसी समझदारी से राजीनामा उपरांत मुकदमे का हमेशा के लिये अंत हुआ तथा पीड़ित को सस्ता, सुलभ व त्वरित न्याय मिला।

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