मुख्यमंत्री मोहन यादव ने की मध्य प्रदेश के लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को विभागीय डाक्टर्स की भर्ती अतिशीघ्र करने के निर्देश दिए।
दो वर्षों की प्रमुख उपलब्धियां:-
– शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या 14 से 19 एवं निजी चिकित्सा महाविद्यालयों की संख्या 12 से 14 हुई।
– पीएमश्री एयर एम्बुलेंस सेवा का शुभारंभ। गंभीर रूप से पीड़ित कुल 109 लोग एयर लिफ्ट किए गए।
– 03 नवीन जिला चिकित्सालय- मैहर, मऊगंज एवं पांढुर्णा में स्वीकृत।
– केंद्र सरकार के ESIC चिकित्सा महाविद्यालय इंदौर में (50 सीट) का संचालन प्रारम्भ।
– देह दान करने वाले 38 मृतकों को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
– चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेज़िडेंट के 354 पदों का सृजन।
– मेडिकल कॉलेज, भोपाल में 4 नए विभागों की स्थापना।
– 5 जिला चिकित्सालय का उन्नयन। कुल 800 बिस्तरों की वृद्धि तथा 810 नवीन पदों की स्वीकृति।
सिकल सेल उन्मूलन में देश में मध्यप्रदेश प्रथम, जिसमें कुल 1,25,38,125 स्क्रीनिंग हुई और जेनेटिक काउंसलिंग एवं सिकल सेल कार्ड वितरण की संख्या 1,05,60,039 रही।
जिला स्तर पर एकीकृत उपचार केन्द्रों की स्थापना एवं 2 सेंटर ऑफ कॉम्पीटेन्स भोपाल एवं इंदौर में एवं प्री नेटल जांच हेतु एक सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस चिकित्सा महाविद्यालय रीवा में स्थापित।
आगामी तीन वर्षों की कार्ययोजना-
– CM-CARE योजना का सफल क्रियान्वयन।
– वर्ष 2028 तक समस्त निर्माणाधीन 06 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों को प्रारम्भ किया जाना प्रस्तावित।
– पीपीपी मोड के अंतर्गत 13 चिकित्सा महाविद्यालयों का संचालन।
– MBBS में 2000 नए सीटों की वृद्धि।
– MD/MS में 500 नए सीटों की वृद्धि।
-500 आयुष्मान आरोग्य मंदिर की क्रियाशीलता
– समस्त संभागीय मुख्यालयों में MRI सेवाओं की उपलब्धता।
– अधिकाधिक नागरिकों को आयुष्मान योजना का लाभ।
– फील्ड में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों के संचालन के लिए निजी चिकित्सकों की भी सेवाएं ली जाएं, उन्हें अच्छा मानदेय भी दिया जाए।

