पावनसिटी  खण्डवा
खण्डवा -मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य प्रकरणों तथा प्री-लिटिगेशन प्रकरणों के निराकरण हेतु नेशनल लोक अदालतों का आयोजन किया जाता है। इसी क्रम में वर्ष 2026 में कुल 4 नेशनल लोक अदालतें माह मार्च, मई, सितम्बर एवं दिसम्बर में आयोजित की जाएंगी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव  पियूष भावे ने बताया कि वर्ष 2026 की पहली लोक अदालत 14 मार्च को आयोजित होगी। इसके बाद अगली नेशनल लोक अदालतें 9 मई, 12 सितम्बर तथा 12 दिसम्बर 2026 को आयोजित होंगी।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती ममता जैन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में अपने लंबित एवं प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण कराने हेतु दिनांक 14 मार्च 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में उपस्थित होकर इस अवसर का लाभ उठाएं। उन्होंने सम्बंधित अधिकारियों को अपने अपने विभागों से सम्बंधित राजीनामा योग्य अधिकाधिक प्रकरणों का निराकरण लोक अदालतों में कराने के लिए अभी से प्रयास करने के निर्देश दिए हैं। उल्लेखनीय है कि नेशनल लोक अदालतों में न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य सिविल और आपराधिक शमनीय प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंर्तगत प्रकरण, बैंक रिकवरी संबंधी मामले, एमएसीटी प्रकरण अर्थात मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा प्रकरण, वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, विद्युत बिल, जलकर, सम्पत्तिकर बिल संबंधी प्रकरण, सेवा मामले जो सेवा निवृत्ति लाभों से संबंधित है, राजस्व तथा अन्य सभी प्रकार के राजीनामा योग्य, प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया जाता है। प्रधान न्यायाधीश श्रीमती जैन ने बताया कि लोक अदालत का निर्णय दोनों पक्षों की सहमति से किया जाता है, जो अंतिम एवं बाध्यकारी होता है तथा इसके विरुद्ध कोई अपील नहीं होती। साथ ही, न्यायालय शुल्क की राशि नियमानुसार वापस की जाती है।

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