Here's how to take care of your animals in the bitter cold.Harda News

पावनसिटी ब्युरों। कड़ाके की ठंड में इंसान हो या जानवर हर किसी की सेहत बिगडऩे की संभावना रहती है। इस मौसम में सभी को ख़ास ख्याल की ज़रूरत पड़ती है।

देश के कई राज्यों में ठंड ने दस्तक दे दी है। अगले कुछ दिनों में पारा और गिरेगा, ज़ाहिर है सर्दियां अब और बढ़ती जाएंगी। कड़ाके की ठंड में इंसान हो या जानवर हर किसी की हालत खऱाब हो जाती है। हमें सर्दियों के दिनों में ठंड से इंसानों और पशु-पक्षियों की मौत की ख़बरें सुनने को मिलती रहती हैं। ऐसे में ठंड के मौसम में हर किसी को ख़ास ख्याल रखने की ज़रूरत पड़ती है। आज हम आपको बताएंगे कि किस तरह आप भीषण ठंड में भी जानवरों की देखभाल कर सकते हैं और उन्हें सर्दी में सुरक्षित रख सकते हैं।

अपने जानवरों को ठंड से बचाने के लिए अपनाएं ये तरीक़े-

गलन वाली हवाओं से अपने जानवरों को बचाना चाहतें हैं तो उन्हें जूट के बने बोरे पहनाएं।आप पशु के नाप का जूट वस्त्र बनवा सकते हैं।
ध्यान रखें कि जिस बाड़े में आपने पशुओं को रखा है वहां नमी न होने पाएं। अगर नम स्थान पर जानवर देर तक रहेगा तो उसके बीमार होने की संभावना बढ़ जाएगी।

बाड़े के फ़र्श पर बोरा या पुवाल हमेशा बिछाकर रखें जिससे पशु का ठंड में बचाव हो सके। वैसे पुवाल बोरे से बेहतर उपाय हो सकता है।
सर्दी के दिनों में पशुओं को ताज़ा और संतुलित आहार दें। ऐसा करने से उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ेगी और ठंड के मौसम का असर उन पर कम होगा।

1.3 के अनुपात में हरा व मुख्य चारा मिलाकर अपने जानवरों को खिलाना चाहिए
हो सके तो उनके पीने के लिए गुनगुने पानी का इंतज़ाम करें ताकि गर्म पानी से उनका शरीर गर्म रह सके।
सर्दी के मौसम में इस बात का विशेष ध्यान दें कि पशु खुले में न रहे।

जब धूप तेज़ हो तो पशुओं को धूप ज़रूर दिखाएं क्योंकि सूरज की किरणों में विषाणुओं को नष्ट करने की क्षमता होती है.
जिस बाड़े में पशु को रखा गया हो वहां के जंगले, खिड़कियां और दरवाज़ों पर मोटे बोरे लगाएं ताकि सर्द के मौसम में जब गलन वाली हवाएं चलें तो पशु सुरक्षित रह सके।

अक्सर ये देखने में आया है कि ठंड के दिनों में पशुओं का पेट खऱाब हो जाता है, अमूमन उनमें दस्त की शिकायत पाई जाती है। इस स्थिति में पहले घर पर उसका इलाज करें। अगर पशु की सेहत नहीं सुधरती है तो पशु चिकित्सक को दिखाने में देर न लगाएं।
ठंड जब ज़्यादा बढ़े तो पशुशाला के बाहर अलाव जलाने का इंतज़ाम करना चाहिए जिससे अंदर रह रहे पशुओं में गर्माहट बनी रहे और वो ठंड से सुरक्षित रह सकें।

आप चाहें तो पशुशाला या बाड़े में हीटर भी जला सकते हैं बशर्ते हीटर पशुओं की पहुंच से दूर रहे।
सर्दी के मौसम में जानवरों में कई तरह के रोग लगने की संभावना होती है जैसे- दस्त, निमोनिया, ज़ुकाम, खुरपका और मुंहपका रोग वग़ैरह. आप ऊपर बताए गएं रास्तों को अपनाकर अपने जानवरों को ठंड में महफ़ूज़ रख सकते हैं।