पावनसिटी समाचार खण्डवा
खण्डवा – लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा विशेष अभियान के रूप में पेयजल स्त्रोतों से प्रदाय जल की शुद्धता एवं गुणवत्ता का लगातार परीक्षण किया जा रहा है। कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग सुश्री वर्षा शिवपुरे ने बताया कि इस अभियान के तहत विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों द्वारा गांव गांव का दौरा कर ग्रामवासियों से चर्चा कर शुद्ध पेयजल उपलब्धता की जानकारी ली जा रही है। इसी क्रम में शनिवार एवं रविवार को विभागीय अधिकारियों ने पंधाना विकासखण्ड के ग्राम रुस्तमपुर और बोरगांव में फ्लोराइड युक्त जल प्रदाय संबंधी शिकायतों को ध्यान में रखते हुए पेयजल स्रोतों का क्लोरिनेशन किया। इसके साथ ही फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से विभाग के अधिकारी कर्मचारियों ने स्कूल, आंगनवाड़ी में तथा ग्रामीणजनों के बीच जाकर पेयजल परीक्षण कर उन्हें जल की शुद्धता तथा वास्तविक जानकारी से अवगत कराया।
कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सुश्री शिवपुरे ने बताया कि छैगांवमाखन विकासखण्ड के ग्राम सैयपुर में तथा खण्डवा विकासखंड के ग्राम सिरपुर में जल जागरुकता अभियान के तहत फील्ड टेस्ट किट के उपयोग के संबंध में ग्रामीणों को प्रशिक्षण दिया गया और क्लोरिन टेबलेट वितरित की गई। इसके साथ ही फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से जल नमूनों का परीक्षण किया और लेब परीक्षण के लिए गांव के जल स्रोतों से पानी के सेंपल कलेक्शन किए गए और दूषित पेयजल, जल से उत्पन्न होने वाली बीमारियों की रोकथाम के बारे में बताया और शुद्ध पेयजल के प्रति जागरूक किया।
कार्यपालन यंत्री लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी सुश्री शिवपुरे ने बताया कि विभाग के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि किन स्रोतों का पानी उनके लिए पीने योग्य है तथा किन स्रोतों का पानी पीने योग्य नहीं है। उन्होंने बताया कि फ्लोराइड युक्त जल प्रदाय संबंधी शिकायतों वाले गांवों के ग्रामीणों को समझाइश दी जा रही है कि लाल निशान से चिह्नित जल स्त्रोतों का पानी पेयजल के रूप में उपयोग में न लाएं, बल्कि इस पानी को अन्य कार्याे जैसे कि नहाना, कपड़े धोना, साफ़ सफ़ाई आदि में उपयोग में लाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि विभागीय अधिकारी कर्मचारियों द्वारा विभिन्न गांव के जल स्त्रोतों के पानी का रैंडमली परीक्षण किया जा रहा है।