पावनसिटी टिमरनी हरदा

 संवाददाता ब्रजेश रिछरिया

टिमरनी- सतपुड़ा से नर्मदा तक फैला लोकरंग का चौथा संस्करण

स्थानीय और देशभर से आए कलाकारों ने एक मंच पर दी प्रस्तुतियाँ

लोककला, संवाद और मानवीय मूल्यों पर आधारित लोकरंग–कला संवाद उत्सव के चौथे संस्करण के अंतर्गत पहले दो दिनों में संवाद सत्रों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से नागरिक संस्कृति, समानता और बंधुता जैसे विषयों पर गंभीर मंथन हुआ। दिन के संवाद सत्र टिमरनी में आयोजित किए गए, जबकि शाम की सांस्कृतिक संगत पहले दिन झाड़बीड़ा और दूसरे दिन नर्मदा तट के समीप जलोदा में हुई। इन आयोजनों में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीणजन, युवा और कला प्रेमी शामिल हुए।
कार्यक्रम में जिला कलेक्टर भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इतनी छोटी जगह पर इस स्तर का आयोजन होना अपने आप में बड़ी बात है। उन्होंने शेडो टीम को बधाई देते हुए लोकरंग उत्सव की सराहना की। शेडो संस्था के रितेश गोहिया ने कहा कि लोकरंग केवल मंचीय प्रस्तुतियों तक सीमित आयोजन नहीं है, बल्कि संवाद और सहभागिता के माध्यम से नागरिक मूल्यों को मजबूत करने का सतत प्रयास है। उन्होंने यह भी कहा कि अगला लोकरंग नगर के कलाकारों और कला प्रेमियों के सामूहिक सहयोग से आयोजित किया जाएगा।लोकरंग लोगों की सहभागिता का एक जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया है, जहाँ कला, संवाद और नागरिकता एक साथ मिलकर उत्सव की नई परिभाषा गढ़ते हैं।

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