पावनसिटी समाचार खंडवा

संपादक- सैयद अशफाक अली 

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 केअन्तर्गत कार्यवाही की जा सकेगी

भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अन्तर्गत कार्यवाही की जा सकेगी
खंडवा – कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी ऋषव गुप्ता ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा-163 के तहत स्कूल संचालकों, प्रकाशकों एवं विक्रेताओं की एकाधिकार प्रवृत्ति को खत्म करने के उद्देश्य से प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं।

जारी आदेश अनुसार अब कोई भी स्कूल संचालक अपने विद्यार्थियों को किसी एक ही दुकान से स्कूल की गणवेश, जूते, टाई, किताबें, कापियाँ पुस्तक या अन्य स्टेशनरी सामग्री क्रय करने के लिए बाध्य नहीं कर सकेगा।

सभी प्राइवेट स्कूलों के संचालकों एवं प्राचार्य को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्कूल में संचालित प्रत्येक कक्षा के लिये अनिवार्य पुस्तकों की सूची और यूनिफार्म की जानकारी 10 फरवरी 2026 के पूर्व ही अपने स्कूल की वेबसाइट पर अनिवार्य रूप से अपलोड करेंगे एवं विद्यालयीन परिसर में सार्वजनिक स्थान पर चस्पा करेंगे। मान्यता नियमों के अन्तर्गत स्कूल की स्वयं की वेबसाईट होना अनिवार्य है।
कलेक्टर  गुप्ता ने बताया कि स्कूल के प्राचार्य और संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने स्कूल के विद्यार्थियों के लिए पुस्तकों की सूची की एक प्रति विद्यार्थियों के अभिभावकों को प्रवेश के समय एवं परीक्षा परिणाम के समय आवश्यक रूप से उपलब्ध करावेंगे एवं पुस्तक और यूनिफार्म के कम से कम तीन विक्रेताओं का नाम सत्र प्रारंभ होने के एक माह पूर्व वेबसाईट पर अपलोड कराना सुनिश्चित करेंगे।
कोई भी विक्रेता किसी भी कक्षा के पूरे सेट को क्रय करने की बाध्यता नहीं रखेगा। यदि किसी विद्यार्थी के पास पुरानी किताबें उपलब्ध हो तो उसे जिसकी आवश्यकता है, केवल उन किताबों को विक्रेता द्वारा उपलब्ध कराया जावेगा।
जारी आदेश अनुसार विद्यालय प्रशासन द्वारा यूनिफार्म का निर्धारण इस प्रकार किया जावेगा कि कम से कम 3 वर्ष तक उसमें परिवर्तन न हो। किसी भी पुस्तक, कापी या उन पर चढ़ाये जाने वाले कवर पर विद्यालय का नाम मुद्रित नहीं किया जावेगा। समस्त विद्यालय अपने पाठ्यक्रम में एनसीईआरटी या एससीईआरटी की पाठ्यपुस्तकों का ही समावेश करेंगे। यदि अत्यावश्यक हो तो पीटीए की सहमति से संस्था में निजी प्रकाशकों की अधिकतम 2 पाठ्य पुस्तके समायोजित की जा सकेंगी। इस बात का विशेष ध्यान रखें कि विख्यात और प्रसिद्ध निजी प्रकाशकों की ही अधिकतम 2 पुस्तक लगाई जायें जो कि बाजार में आसानी से उपलब्ध हों।
प्रतिबंधात्मक आदेश में कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी  गुप्ता ने कक्षावार बस्ते के वजन की सीमा भी निर्धारित की है। कक्षा पहली के लिए 1.6 से 2.2 किलोग्राम, कक्षा दूसरी के लिए 1.6 से 2.2 किलो ग्राम, तीसरी कक्षा के लिए 1.7 से 2.5 किलो ग्राम, चौथी कक्षा के लिए 1.7 से 2.5 किलोग्राम, पांचवी कक्षा के लिए 1.7 से 2.50 किलोग्राम, छटवी कक्षा के लिए 2.0 से 3.0 किलोग्राम, सातवी कक्षा के लिए 2.0 से 3.0 किलो ग्राम आठवी कक्षा के लिए 2.5 से 4 किलोग्राम, नौवी कक्षा के लिए 2.5 से 4.5 किलो ग्राम तथा दसवी कक्षा के लिए 2.5 से 4.5 किलोग्राम वजन तय किया गया है। कलेक्टर श्री गुप्ता ने बताया कि कक्षा 11वी एवं 12 वीं कक्षा के लिए बस्ते का वजन शाला प्रबंधन समिति द्वारा विभिन्न विषय स्ट्रीम के आधार पर तय किया जाएगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा!

इसका उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, संस्था और आयोजक के विरूद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अन्तर्गत कार्यवाही की जा सकेगी। विद्यालय द्वारा उक्त आदेशों की अव्हेलना किये जाने पर शाला के प्राचार्य और संचालक के साथ ही शाला का प्रबन्धक और बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के समस्त सदस्य भी दोषी होंगे। यह आदेश आगामी 30 अप्रैल 2026 तक के लिए प्रशावशील रहेंगा।