पावनसिटी समाचार हरदा
खण्डवा – जिले के खालवा विकासखण्ड के ग्राम ढाकना निवासी श्री माना और उनकी पत्नी श्रीमति ममता अपने 13 माह के बच्चे शरद के कम वजन और कुपोषण को लेकर चिंतित रहते थे। एक दिन गांव की आशा कार्यकर्ता सावित्री पाटिल ने शरद के माता पिता को सलाह दी कि शरद को पोषण पुनर्वास केन्द्र खालवा में भर्ती करवा दें, तो वहां की बेहतर देखभाल, अच्छी खुराक और पोषण विशेषज्ञों के मार्गदर्शन से शरद स्वस्थ हो सकता है। आशा कार्यकर्ता की सलाह पर माना अपने बेटे शरद को खालवा के अस्पताल में ले गया, जहां डॉ. दीपक करोड़ा ने बच्चे की गंभीरता को देखते हुए उसे पोषण पुनर्वास केन्द्र में भर्ती कर आवश्यक जांच कर तत्काल उपचार प्रारंभ किया। प्रतिदिन बच्चे की जांच कर उसे आवश्यक दवाई व उपचार दिया गया।
पोषक प्रशिक्षक कल्पना मुकाती की देखरेख में प्रोटोकॉल अनुसार प्रतिदिन समय समय पर पोष्टिक पोषण आहार भी दिया गया। एनआरसी से 14 दिन बाद जब शरद को डिस्चार्ज किया गया, तो उसका वजन 6 किलो 510 ग्राम से बढ़कर 7 किलो 315 ग्राम हो चुका था। साथ ही पोषण पुनर्वास केंद्र से शरद को डिस्चार्ज करते समय उसकी मां ममता को बच्चे के पोषण के सम्बंध में समझाइश दी गई, कि घर में उपलब्ध खाद्य सामग्री से केसे पौष्टिक आहार तैयार किया जा सकता है। पोषण पुनर्वास केन्द्र में अच्छी देखभाल व उपचार से शरद के माता पिता बहुत खुश हैं और बताते हैं कि एनआरसी में अच्छी देखरेख, पौष्टिक आहार और दवाइयों की निःशुल्क सुविधा मिली, जिससे बेटा शरद अब बिल्कुल स्वस्थ है। शरद की माता श्रीमती ममता ने बताया कि एनआरसी से डिस्चार्ज करते समय उसे 14 दिन की मजदूरी का भुगतान भी किया गया।