पावनसिटी खण्डवा
खण्डवा – कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात “एआई” के उपयोग में लाभ और हानि दोनों के पक्ष हैं, किंतु आने वाला समय केवल एआई का ही है, इसमें कोई संदेह नहीं है। लोगों में भ्रम है कि एआई से नौकरियां जाएंगी लेकिन ऐसा नहीं है। एआई से नौकरियां नहीं जाएगी, बल्कि लोगों की कार्य क्षमता एवं गुणवत्ता में वृद्धि होगी। यह बात कलेक्टर  ऋषव गुप्ता ने शुक्रवार को एसएन कॉलेज में आयोजित “राष्ट्रीय शिक्षा नीति- कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में बहुविषयक शिक्षा को प्रोत्साहन” और “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उच्च शिक्षा में महत्व” विषय पर आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार के उद्घाटन सत्र में संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम में खण्डवा विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तन्वे, महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव, भाजपा के जिला अध्यक्ष  राजपाल सिंह तोमर, पूर्व जिला अध्यक्ष  सेवादास पटेल, सहित विभिन्न महाविद्यालयों के प्राध्यापकगण, शोधार्थी एवं विद्यार्थीगण भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. अविनाश दुबे ने किया।
कलेक्टर गुप्ता ने सम्बोधित करते हुए कहा कि एआई ने हमारे जीवन को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पहले जो काम 8-10 घंटे में होता था अब वह काम मिनिटों में हो रहा है, वह भी सटीक जानकारी के साथ सही तरीके से। आज छोटे से छोटे शहर का व्यक्ति भी एआई के माध्यम से अमेरिका में बैठे व्यक्ति की बराबरी कर सकता है। अब भी यदि व्यक्ति पीछे रहता है तो उसके लिए परिस्थिति नहीं बल्कि वह स्वयं जिम्मेदार होगा। इस अवसर पर कलेक्टर श्री गुप्ता ने एआई पर आधारित नवीन कोर्स प्रारंभ करने तथा विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को एआई का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए। कलेक्टर  गुप्ता ने इस दौरान विद्यार्थियों को एआई के सदुपयोग के लिए सरल और व्यावहारिक उदाहरण के माध्यम से समझाया।
कार्यक्रम में खंडवा विधायक श्रीमती कंचन मुकेश तन्वे ने संबोधित करते हुए कहा कि हम अपनी ऊर्जा का उपयोग अध्ययन एवं शोध में करें तथा अपने शहर, समाज देश का नाम रोशन करें। इस अवसर पर खंडवा की महापौर श्रीमती अमृता अमर यादव ने संबोधित करते हुए कहा कि समय के साथ होने वाले परिवर्तनों को हम समझें, और अवसरों को पहचाने एवं चर्चा कर आगे बढ़े। उन्होंने विद्यार्थियों को एआई का सदुपयोग करते हुए अपना ज्ञान स्तर बढ़ाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में एन.आई. टी.टी.टी.आर. भोपाल के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ पी.के. पुरोहित ने प्रमुख वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए कहा कि वैज्ञानिक विपरीत परिस्थितियों में काम करते हैं और आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने भारत की वैज्ञानिक यात्रा तथा भविष्य की चुनौतियों के निराकरण में एआई की भूमिका पर विस्तार पूर्वक प्रकाश डाला। इसके अलावा उन्होंने अंटार्कटिका पर शोध कार्य के हेतु चयन की प्रक्रिया के बारे में भी बताया। इससे पूर्व स्वागत वक्तव्य देते हुए संस्था प्राचार्य डॉ सोमपाल सिंह ने कहा कि हमारा प्रयास है कि निमाड़ का यह हमारा अग्रणी संस्थान ज्ञान, विज्ञान और भारतीय मूल्यों का केंद्र बने।

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