पावनसिटी समाचार पत्र नर्मदापुरम 
मध्य प्रदेश के संभाग नर्मदापुरम जिले में हालात ऐसे हो गए थे कि पलकमती से लेकर नर्मदा किनारे तक खनन माफिया खुलेआम नदी-नालों की छाती चीर रहे थे। मिट्टी, बजरा, रेत और गिट्टी ऐसे खोदी जा रही थी जैसे ये धरती किसी सरकारी नहीं, बल्कि माफियाओं की खानदानी जागीर हो। दिन-दहाड़े ट्रैक्टर-ट्रॉली, डंपर और जेसीबी गरजते रहे, लेकिन नीचे तहसील और थाने के कई जिम्मेदार अफसर कुर्सी पर बैठे मौन धारण कर कर बैठे । उनको रेत माफिया से जैसे कोई वास्ता ही नहीं है या उनकी उनसे शॉर्टकट पर यह अवैध उत्खनन का माफिया राज चल रहा है यह तो जांच करने पर ही पता चलेगा कि यह अधिकारी कार्रवाई के नाम पर मोहन धारण कैसे करके बैठे हुए हैं इनके नाक के नीचे ही  नदी का सीना छलनी होता रहा, पर्यावरण रोता रहा, पर आंखें खोलने वाला कोई नहीं था।
सोहागपुर क्षेत्र की पलकमती नदी में लंबे समय से मिट्टी और बजरा का अवैध उत्खनन चल रहा था। शिकायतें होती रहीं, बातें उड़ती रहीं, लेकिन कार्रवाई तब हुई जब ऊपर तक बात पहुंची। आखिरकार प्रशासन ने हरकत में आकर मौके से एक जेसीबी मशीन जब्त की और उसे सोहागपुर थाना परिसर में खड़ा कराया। इटारसी तहसील के ग्राम डांडीवाड़ा से गिट्टी लादकर भाग रहा डंपर (MP04HE4308) पकड़ा गया, तो नर्मदापुरम तहसील के ग्राम पांजरा से रेत से भरी एक बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गई।

अगर ऊपर से कलेक्टर मैडम का डंडा नहीं चलता, तो नीचे सिस्टम हिलता ही नहीं।
कलेक्टर सोनिया मीना के साफ और सख्त निर्देश के बाद ही खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मैदान में उतरी। इटारसी क्षेत्र में रेत के अवैध परिवहन में लगे एक ट्रक-डंपर को पकड़कर रामपुर गुर्रा थाना परिसर में खड़ा कराया गया। सिवनीमालवा तहसील के Catch कोटलाखेड़ी से रेत का अवैध परिवहन कर रही दो बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली भी जब्त की गईं।
लोगों में चर्चा है कि वर्षों से माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे थे, क्योंकि उन्हें पता था कि नीचे से कोई पूछने वाला नहीं। गांव के रास्ते टूट गए, नदियों का पानी गंदा हो गया, खेतों की मिट्टी बह गई, लेकिन जिम्मेदार अफसर सिर्फ फाइलों में नियम खोजते रहे।
इस पूरी कार्रवाई में एसडीओ (राजस्व) नीलेश शर्मा, जिला खनिज अधिकारी दिवेश मरकाम, खनिज निरीक्षक पिंकी चौहान, नायब तहसीलदार रंजीत चौहान, प्रभारी खनिज निरीक्षक कृष्णकांत सिंह परस्ते और होमगार्ड बल मौजूद रहा। जब्त किए गए सभी वाहनों और मशीनों के खिलाफ मध्यप्रदेश खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण का निवारण) नियम 2022 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।