हरदा पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट को २ साल होने वाले है I हम लगातार इस मामले में पीड़ितों के है के लिए लड़ रहे है I

१३ (13) मृतकों के हरदा पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट को २ साल होने वाले वालों को २१५०००० रुपए मिले है जो अंतरिम मुआवज़ा है I

३३ (33) परिवार जिनके घर टूटे उन्हें कलेक्टर के रिपोर्ट के हिसाब से मुआवज़ा मिलना है I

जो ६७ (67) गंभीर घायल है उन्हें उचित अंतरिम मुआवज़ा भी नहीं मिला है I किसी को १० हज़ार, किसी को ५००० मिला है I कुछ लोगों को १ लाख या ३ लाख मिला है लेकिन अधिकतर गंभीर घायल को बहुत कम राशि मिली है I

आज NGT भोपाल में फिर से बहस करी I जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा ख़ट खटायेंगे I

सरकारी वकील आज भी २ साल और हज़ारों काग़ज़ लगाने के बाद सवाल करते है की आप किस की तरफ़ से बहस कर रही है ? जबकि NGT ने ही क़ानून के तहत हमे पीड़ितों की तरफ़ से सुनना स्वीकार किया है I यहाँ तक की सुप्रीम कोर्ट में सभी अभियुक्तों की बेल के मामले में हमे सुना है और सुप्रीम कोर्ट के बहुत सारे निर्णय है जिसमे साफ़ कहा गया है की ऐसे मामलों में किसी जनता के आम व्यक्ति को सुना जा सकता है I हमने तो पीड़ितों की तरफ़ से सारे काग़ज़ भी लगाये है I

हम उनमे से नहीं जो फोटो खिंचवाकर दूर हो जाएँगे I जिसके लिए आवाज़ उठायेंगे, सड़क से लेकर कोर्ट तक, इंसाफ़ मिलने तक लड़ेंगे I

राजेश अग्रवाल की तरफ़ से किडनी फेल के ग्राउंड पर सुप्रीम कोर्ट में तीसरी बात ज़मानत की याचिका १० फ़रवरी को लगी है  उस में भी पीड़ितों का पक्ष रखेंगे

सारे पीड़ितों के दिल से धन्यवाद इस मज़बूती से लड़ने के लिए I पूरे भारत में कई पटाखा फैक्ट्री ब्लास्ट हो रहे है, लेकिन जितनी मजबूती से हरदा वालों ने अपने इंसाफ़ की लड़ाई लड़ी है, शायद ही कहीं और लड़ी जा रही है I

समय आने पर पूरे देश भर में पटाखा फैक्ट्री को लेकर कानून बदले, इस पर भी काम करेंगे

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