पावनसिटी हरदा
हरदा – भूकम्प पूर्व तैयारी एवं क्षमतावर्धन कार्यक्रम के तहत जिला आपदा प्रबन्घन प्राधिकरण के नेतृत्व में भूकम्प आपदा जोखिम प्रबन्धन एवं ध्वस्त संरचना, खोज एवं बचाव का 5 दिवसीय प्रशिक्षण 23 मार्च शासकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज हरदा में प्रारम्भ हुआ। प्रशिक्षण में हरदा जिले के महाविद्यालय के प्रोफेसर, प्राचार्य, विद्यालय के प्रतिनिधि, ग्रामीण व शहरी निकाय के अधिकारी एवं राष्ट्रीय केडेट कौर होमगार्ड एवं एसडीईआरएफ, सिविल डिफेन्स वालेन्टियर एवं स्वयं सेवी संगठन के प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। कार्यक्रम का शुभारम्भ संयुक्त कलेक्टर श्री सतीश राय ने किया।
प्रशिक्षण में प्लाटून कमाण्डर होमगार्ड हरदा जे.एल. कोठारी, जिला चिकित्सालय हरदा से डॉ. नवीन कुमार जैन, प्लाटून कमाण्डर जबलपुर संदीप चौधरी ने भूकम्प आपदा जोखिम प्रबन्धन एवं ध्वस्त संरचना खोज एवं बचाव तथा प्रथमोपचार विषय पर व्याख्यान दिया। प्रशिक्षण में प्लाटून कमाण्डर होमगार्ड हरदा जे.एल. कोठारी, हवलदार दीपक ठाकुर, आरक्षक कैलाश तोमर, होमगार्ड व एसडीईआरएफ के जवान तथा संबंधित विभागों के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
नवांकुर संस्थाओं का सक्रियकरण बैठक सह प्रशिक्षण के तहत सामाजिक संस्थाओं के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर सम्पन्न
मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद हरदा द्वारा नवांकुर योजना के तहत सामाजिक संस्थाओं के सक्रियकरण और क्रियान्वयन के लिए एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर कृषि विज्ञान केंद्र, कोलीपुरा हरदा में आयोजित किया गया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य संस्थाओं को आत्मनिर्भर बनाना और नर्सरी प्रबंधन के माध्यम से सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना था। प्रशिक्षण में कृषि विज्ञान केंद्र हरदा की प्रभारी वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. संध्या मुरे ने संस्थाओं को विभिन्न वैज्ञानिक बीजारोपण विधियों और नर्सरी तैयार करने की आधुनिक तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। मृदा वैज्ञानिक डॉ. आर.के. जाटव ने मिट्टी की उपजाऊ शक्ति बढ़ाने की विधियों, वर्मी कंपोस्ट निर्माण और जैविक कृषि के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने संस्थाओं को टिकाऊ आजीविका मॉडलों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रशिक्षण में जिला समन्वयक श्री संदीप गौहर ने परिषद की गतिविधियों और नवांकुर संस्थाओं के सक्रियकरण हेतु आगामी कार्य योजना साझा की। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थाओं की सक्रियता के आधार पर उन्हें शासन द्वारा प्रतिवर्ष नवांकुर योजना चयनित संस्थाओं राशि देने का भी प्रावधान है। इस अवसर विकासखंड समन्वयक श्री राकेश वर्मा, श्री अनुपम भारद्वाज, सुश्री विनीता शाह, 15 नवांकुर संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। यह कार्यक्रम ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए स्थानीय संस्थाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

