जिला मूल्यांकन समिति की बैठक संपन्न
आम जन अनुमोदित दरों पर 18 मार्च तक प्रस्तुत कर सकेंगे सुझाव
हरदा – कलेक्टर सिद्धार्थ जैन की अध्यक्षता में शुक्रवार को कलेक्टर सभाकक्ष में वर्ष 2026-27 के लिए मध्यप्रदेश बाजार मूल्य मार्गदर्शक सिद्धांतों का बनाए जाना एवं उनका पुनरीक्षण नियम 2018 के अंतर्गत जिले के लिए अचल संपत्ति के बाजार मूल्य निर्धारण के लिए जिला मूल्यांकन समिति की बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में उप जिला मूल्यांकन समितियों से प्राप्त प्रस्तावों पर विचार कर प्रस्तावित अनंतिम दरों को अनुमोदित किया गया जो कि आम जनता से सुझाव प्राप्त करने एवं आम जनता के अवलोकन के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व हरदा, खिरकिया व टिमरनी, कार्यालय जिला पंजीयक हरदा व उप पंजीयक हरदा व टिमरनी के कार्यालयों के सूचना पटल पर जन साधारण के अवलोकन हेतु उपलब्ध है। जो भी आमजन गाईड लाईन का अवलोकन कर एवं दरों के संबंध में अपने सुझाव प्रस्तुत करना चाहते है वे अपने सुझाव तथ्यों सहित अध्यक्ष उप जिला मूल्यांकन समिति एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व हरदा, खिरकिया व टिमरनी के समक्ष 18 मार्च 2026 शाम 4 बजे तक प्रस्तुत कर सकते है। निर्धारित दिनांक एवं समय के बाद प्राप्त सुझावों पर विचार नहीं किया जाएगा।
18 से 22 मार्च तक कृषि उपज मण्डी में नीलामी कार्य बंद रहेगा
हरदा – सचिव कृषि उपज मण्डी हरदा ने सभी किसान भाईयों को सूचित किया है कि 18 से 22 मार्च तक मण्डी प्रांगण हरदा में नीलामी कार्य बंद रहेगा। उन्होने बताया कि 18 मार्च बुधवार को अमावस्या, 19 मार्च गुरूवार को गुढ़ी पड़वा, 20 मार्च को चेती चांद, 21 मार्च को ईदुल फितर तथा 22 मार्च को रविवार का शासकीय अवकाश होने के कारण मण्डी प्रांगण में नीलामी कार्य बंद रहेगा। उन्होने क्षेत्र के किसान भाईयों से अनुरोध किया है कि वे इस अवधि में अपनी कृषि उपज विक्रय हेतु नहीं लावें।
कृषि उपज मण्डी में 23 मार्च से प्रारम्भ होगी सरसों-भावान्तर भुगतान योजना
हरदा – कृषि उपज मण्डी प्रांगण हरदा में 23 मार्च से सरसों-भावान्तर भुगतान योजना 23 मार्च से प्रारम्भ होगी। सचिव कृषि उपज मण्डी हरदा ने बताया कि इस हेतु किसानों को अपने पंजीयन की कॉपी, आधार कार्ड, बैंक खाते की पासबुक एवं वाहन का नम्बर लाना अनिवार्य होगा। उन्होने बताया कि एमपी फार्मगेट ऐप एवं सौदा पत्रक के माध्यम से विक्रय सरसों इस योजना में शामिल नहीं है। व्यापारियों द्वारा क्रय की गई सम्पूर्ण सरसों का भुगतान कृषक के बैंक खाते में ही किया जाएगा, नगद भुगतान नहीं किया जाएगा। व्यापरियों द्वारा सीधे किसान से खरीदी नहीं की जाएगी। किसी भी प्रकार की समस्या हेतु शिकायत कक्ष में सम्पर्क किया जा सकता है।
वर्ष 2026 की प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन 14 मार्च को
हरदा – राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के आदेशानुसार प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा श्री अरविंद रघुवंशी के मार्गदर्शन में 14 मार्च, 2026 को वर्ष की प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय एवं सभी तहसील न्यायालयों में किया जावेगा। सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हरदा, श्री चंद्रशेखर राठौर ने बताया कि नेशनल लोक अदालत में न्यायालयों में आपराधिक शमनीय प्रकरण, परक्राम्य अधिनियम की धारा 138 के अंर्तगत प्रकरण, बैंक रिकवरी संबंधी मामले, एमएसीटी प्रकरण (मोटर दुर्घटना क्षतिपूर्ति दावा), वैवाहिक प्रकरण, श्रम विवाद प्रकरण, भूमि अधिग्रहण के प्रकरण, विद्युत एवं जलकर संबंधी प्रकरण, राजस्व प्रकरण, दीवानी मामले तथा अन्य सभी प्रकार के राजीनामा योग्य, प्री-लिटिगेशन (मुकदमा पूर्व) प्रकरणों का निराकरण किया जावेगा। श्री राठौर ने बताया कि जिला मुख्यालय हरदा में 14 मार्च को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत का शुभारम्भ प्रातः 10ः30 बजे से ए.डी.आर. भवन में किया जाएगा। उन्होंने आमजन से नेशनल लोक अदालत में दी जाने वाली छूट का लाभ प्राप्त कर राजीनामा योग्य प्रकरण का निराकरण लोक अदालत के माध्यम से करने की अपील की।
नेशनल लोक अदालत 14 मार्च को
सम्पत्तिकर, जलप्रभार व अन्य उपभोक्ता प्रभार के अधिभार में मिलेगी छूट
हरदा – राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली और मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जबलपुर के आदेशानुसार 14 मार्च 2026 को वर्ष की प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नेशनल लोक अदालत में सम्पत्तिकर, जलप्रभाव व अन्य उपभोक्ता प्रभार के अधिभार में छूट प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। जारी आदेश अनुसार सम्पत्तिकर के ऐसे प्रकरण जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 50 हजार रूपये तक बकाया है, पर मात्र अधिभार में 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। इसी प्रकार सम्पत्तिकर के ऐसे प्रकरण, जिनमें कर तथा अधिभार की राशि 50 हजार से अधिक तथा एक लाख रूपये तक बकाया है, पर मात्र अधिभार में 50 प्रतिशत की छूट तथा एक लाख रूपये से अधिक बकाया पर अधिभार में 25 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी।
जल प्रभार एवं अन्य उपभोक्ता प्रभार की राशि 10 हजार रूपये तक बकाया होने पर मात्र अधिभार में 100 प्रतिशत की छूट तथा ऐसे प्रकरण जिनमें जल प्रभार एवं अन्य उपभोक्ता प्रभार तथा अधिभार की राशि 10 हजार से अधिक तथा 50 हजार रूपये तक बकाया है पर मात्र अधिभार में 75 प्रतिशत तक की छूट दी जाएगी। इसी प्रकार जल प्रभार एवं अन्य उपभोक्ता प्रभार के ऐसे प्रकरण जिनमें जल प्रभार व अन्य उपभोक्ता प्रभार तथा अधिभार की राशि 50 हजार रूपये से अधिक बकाया है, पर अधिभार में 50 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह छूट मात्र एक बार ही दी जाएगी।
प्राप्त जानकारी अनुसार 14 मार्च को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के लिये यह छूट वित्तीय वर्ष 2024-25 तक बकाया राशि पर देय होगी। इसी प्रकार 9 मई, 12 सितम्बर व 12 दिसम्बर 2026 को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत के लिये यह छूट वित्तीय वर्ष 2025-26 तक की बकाया राशि पर देय होगी। छूट उपरान्त राशि अधिकतम दो किश्तों में जमा कराई जा सकेगी, जिसमें से कम से कम 50 प्रतिशत राशि लोक अदालत के दिन जमा करवाना अनिवार्य होगा तथा शेष राशि अधिकतम एक माह में जमा करना अनिवार्य होगा।
नेशनल लोक अदालत 14 मार्च को
बिजली चोरी के राशि 10 लाख रूपए तक के लंबित प्रकरणों के होंगे समझौते
म.प्र. मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के कार्य क्षेत्र के भोपाल, नर्मदापुरम्, ग्वालियर एवं चंबल संभाग के 16 जिलों में 14 मार्च 2026 शनिवार को नेशनल लोक अदालत में बिजली चोरी एवं अन्य अनियमितताओं के प्रकरण को समझौते के माध्यम से निराकृत किया जाएगा। कंपनी द्वारा विद्युत अधिनियम 2003 धारा 135 के तहत विद्युत चोरी के लंबित प्रकरणों एवं विशेष न्यायालयों में विचाराधीन प्रकरणों के निराकरण के लिए विद्युत उपभोक्ताओं एवं उपयोगकर्ताओं से अपील की गई है कि वे अप्रिय कानूनी कार्यवाही से बचने के लिए अदालत में समझौता करने के लिए संबंधित बिजली कार्यालय से संपर्क करें।
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यह निर्णय लिया गया है कि धारा 135 के तहत विद्युत चोरी के बनाए गए लंबित प्रकरण एवं अदालत में लंबित प्रकरणों का निराकरण के लिये निम्नदाब श्रेणी के समस्त घरेलू, समस्त कृषि, 5 किलोवॉट तक के गैर घरेलू एवं 10 अश्व शक्ति भार तक के औद्योगिक उपभोक्ताओं को प्रकरणों में ही छूट दी जाएगी।
प्रि-लिटिगेशन स्तर पर – कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 30 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।
लिटिगेशन स्तर पर – कंपनी द्वारा आंकलित सिविल दायित्व की राशि पर 20 प्रतिशत एवं आंकलित राशि के भुगतान में चूक किये जाने पर निर्धारण आदेश जारी होने की तिथि से 30 दिवस की अवधि समाप्त होने के पश्चात् प्रत्येक छः माही चक्रवृद्धि दर अनुसार 16 प्रतिशत प्रतिवर्ष की दर से लगने वाले ब्याज की राशि पर 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी।
कंपनी ने कहा है कि नेशनल लोक अदालत में छूट कुछ नियम एवं शर्तों के तहत दी जाएगी जो आंकलित सिविल दायित्व राशि 10,00,000 (दस लाख) रूपये तक के प्रकरणों के लिए सीमित रहेगी। यह छूट मात्र नेशनल ‘‘लोक अदालत‘‘ 14 मार्च 2026 को समझौते करने के लिये ही लागू रहेगी।

