पावनसिटी समाचार

आगामी बोर्ड परीक्षाओं में विद्यार्थियों के शैक्षणिक परिणामों में सुधार एवं उनकी प्रभावी तैयारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर नेहा मीना द्वारा जिले के शासकीय विद्यालयों में संचालित रेमेडियल कक्षाओं पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। इसी क्रम में कलेक्टर ने आज सांदीपनि शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, झाबुआ में कक्षा 10वीं एवं 12वीं की रेमेडियल कक्षाओं का औचक निरीक्षण किया।
उल्लेखनीय है कि विगत दिनों कलेक्टर ने बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी को सुदृढ़ बनाने हेतु जिले के समस्त शासकीय विद्यालयों में विषयवार रेमेडियल कक्षाएं नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए थे। इन निर्देशों के परिपालन में विद्यालय स्तर पर निरंतर अतिरिक्त कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक कमजोरियों की पहचान कर उन्हें दूर करना है।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कक्षाओं की नियमितता, अध्यापन व्यवस्था तथा विद्यार्थियों की सहभागिता का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण के समय कलेक्टर ने कक्षा 12वीं की गणित विषय की रेमेडियल कक्षा में उपस्थित होकर शिक्षण प्रक्रिया का अवलोकन किया तथा विद्यार्थियों से विषय की तैयारी के संबंध में संवाद किया। इसके अतिरिक्त प्री-बोर्ड परीक्षाओं के अंतर्गत आज आयोजित हिन्दी विषय के प्रश्न पत्र को लेकर छात्र-छात्राओं से चर्चा की गई एवं उनके द्वारा दिए गए उत्तरों की समझ और प्रस्तुति के बारे में जानकारी ली गई।
इसी प्रकार कलेक्टर ने कक्षा 10वीं के विद्यार्थियों की इलेक्टिव विषय आईटी (IT) की रेमेडियल कक्षा का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सामाजिक विज्ञान विषय के प्रश्न पत्र के संबंध में विद्यार्थियों से चर्चा कर उत्तर लेखन की पद्धति, तथ्यों की स्पष्टता एवं समय प्रबंधन के विषय में आवश्यक मार्गदर्शन दिया।
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर नेहा मीना ने कहा कि बोर्ड परीक्षाएं जीवन का महत्वपूर्ण चरण होती हैं, किंतु इन्हें तनाव का कारण न बनाएं। उन्होंने कहा कि नियमित अध्ययन, विषय की गहन समझ और निरंतर अभ्यास से सफलता सुनिश्चित की जा सकती है। कलेक्टर ने विद्यार्थियों को मॉडल प्रश्न पत्रों एवं मॉडल उत्तरों के माध्यम से अभ्यास करने तथा परीक्षा के दौरान उत्तर लिखते समय समय का संतुलित उपयोग करने की सलाह दी, ताकि कोई भी प्रश्न अनुत्तरित न रहे।
कलेक्टर ने मानसिक स्वास्थ्य के महत्व पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ मानसिक तनाव से दूर रहना भी उतना ही आवश्यक है। इसके लिए विद्यार्थियों को प्रतिदिन 10 से 15 मिनट अपनी रुचि के अनुसार परिवार के सदस्यों से संवाद करने, संगीत सुनने अथवा अन्य रचनात्मक गतिविधियों में संलग्न होने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने नियमित रूप से मेडिटेशन करने पर बल देते हुए कहा कि इससे एकाग्रता बढ़ती है, आत्मविश्वास मजबूत होता है तथा तनाव में कमी आती है।
निरीक्षण के अंत में कलेक्टर ने विद्यार्थियों को सकारात्मक सोच, अनुशासन एवं आत्मविश्वास के साथ परीक्षा की तैयारी करने के लिए प्रेरित किया तथा शिक्षकों से भी अपेक्षा की कि वे विद्यार्थियों का सतत मार्गदर्शन कर उनकी शैक्षणिक क्षमताओं को और बेहतर बनाएं।
इस दौरान सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्रीमती सुप्रिया बिसेन, बीईओ श्री जय बैरागी, प्राचार्य श्री हरीश कुंडल एवं अन्य अधिकारी कर्मचारी, शिक्षक उपस्थित रहे।