पावनसिटी समाचार पत्र खंडवा
खंडवा- नगरीय क्षेत्रों में स्थित रैन बसेरों में आने वाले यात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं करें और शहरी क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही लगातार जारी रखें। यह निर्देश कलेक्टर  ऋषव गुप्ता ने कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित साप्ताहिक समीक्षा बैठक में उपस्थित नगर निगम के अधिकारियों को दिए। उन्होंने सिटी मजिस्ट्रेट श्री बजरंग बहादुर सिंह को निर्देश दिए कि शीत ऋतु में रात्रि काल में रेन बसेरों का समय-समय पर निरीक्षण करें, और अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही में नगर निगम के साथ समन्वय बनाकर कार्य करें। बैठक में जिला पंचायत के सीईओ डॉक्टर नागार्जुन बी. गौड़ा, अपर कलेक्टर श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा, अपर कलेक्टर  अरविंद चौहान, अपर कलेक्टर के आर बडोले सहित जिले के सभी जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी एवं अन्य विभागों के जिला अधिकारी भी मौजूद थे।
कलेक्टर  गुप्ता ने पीएम विश्वकर्मां योजना की समीक्षा भी की और अपर कलेक्टर श्रीमती सृष्टि देशमुख गौड़ा को निर्देश दिए कि जिले के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का समय-समय पर निरीक्षण कर वहां के कार्यों की प्रगति की समीक्षा करें। उन्होंने
सीएमओ ओंकारेश्वर को निर्देश दिए कि ओंकारेश्वर में सिंगल यूज़ प्लास्टिक पर सख्ती से प्रतिबंध लगाएं। कलेक्टर श्री गुप्ता ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी ओंकारेश्वर को निर्देश दिए कि कम उम्र के बच्चों को नाव का संचालन न करने दें, यदि बच्चे नाव चलाते पाए जाएं तो उनकी नाव तत्काल जप्त करने की कार्यवाही करें।
उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि विकासखंड शिक्षा अधिकारियों और विकासखंड स्त्रोत समन्वयको के माध्यम से जिले के स्कूलों में स्मार्ट क्लास संचालन की स्थिति का जायजा लेते रहें, और देखें स्कूलों में टीवी चालू स्थिति में है कि नहीं और ये टीवी स्मार्ट क्लास में उपयोग में आ रहे हैं कि नहीं।
कलेक्टर गुप्ता ने जिला सहकारी बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को निर्देश दिए कि सहकारी बैंक के सभी एटीएम को चालू करवाएं ताकि बैंक के उपभोक्ता परेशान ना हों। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत निर्मित कराए जा रहे आंगनबाड़ी के नए भवनों की प्रगति की भी समीक्षा की और सभी परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए कि उनकी परियोजना क्षेत्र में जिन आंगनबाड़ी भवनो के निर्माण में समस्या आए तो उसके संबंध में जिला प्रशासन को तत्काल अवगत करवाएं, ताकि समस्या का निराकरण किया जा सके।