पावनसिटी खण्डवा
खण्डवा – कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बुधवार को स्वास्थ्य विभाग के खालवा विकासखण्ड के अधिकारियों व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की बैठक में निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की प्रसवपूर्व स्वास्थ्य जांच निर्धारित समय पर की जाए। उन्होंने कहा कि गर्भावस्था के 9 माह के दौरान कम से कम 4 बार महिला का स्वास्थ्य परीक्षण गांव की स्वास्थ्य कार्यकर्ता व सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी द्वारा आवश्यक रूप से किया जाए। यदि गर्भवती महिला के स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान महिला को स्वास्थ्य सम्बंधी कोई समस्या पाई जाती है, तो विकासखण्ड या जिला स्तर पर स्थित अस्पताल में वरिष्ठ चिकित्सक से स्वास्थ्य परीक्षण कराकर उसका उपचार कराया जाए, ताकि प्रसव के समय परेशानी न हो। संदलपुर के कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सभाकक्ष में आयोजित बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर ओपी जुगतावत और डॉ. शक्तिसिंह राठौर के अलावा खालवा के विकासखण्ड चिकित्सा अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग एवं महिला एवं बाल विकास विभाग के सुपरवाईजर्स भी मौजूद थे।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारियों को निर्देश दिए कि गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच सम्बंधी जानकारी विभाग के पोर्टल पर आवश्यक रूप से दर्ज की जाए।
उन्होंने एनीमिक गर्भवती महिलाओं के मामले में विशेष सावधानी बरतने के लिए चिकित्सा अधिकारियों व एएनएम को निर्देश दिए। कलेक्टर श्री गुप्ता ने चिकित्सा अधिकारियों और महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर्स को जिले में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने और मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करने के लिए हर संभव प्रयास करने के लिए कहा।
बैठक में सेंधवाल ग्राम की एएनएम द्वारा गलत जानकारी प्रस्तुत करने पर कलेक्टर श्री गुप्ता ने एएनएम साधना काशिव का एक माह का वेतन काटने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर्स से कहा कि कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केन्द्रों में भर्ती कर उनका उपचार करें। उन्होेंने निर्देश दिए कि पोषण पुनर्वास केन्द्र में पलंग खाली न रहे, यह सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर गुप्ता ने बैठक में मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम, कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम, क्षय रोग उन्मूलन, राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम, अंधत्व निवारण कार्यक्रम कार्यक्रम सहित सभी राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तार से समीक्षा की।

