ई-टोकन प्रणाली से उर्वरक वितरण के संबंध में प्रशिक्षण संपन्न
पावनसिटी समाचार पत्र खंडवा
कृषि विभाग द्वारा जिले के निजी उर्वरक खुदरा एवं थोक विक्रेताओं और विपणन संघ तथा मार्कफेड के अधिकारी कर्मचारियों को ई-टोकन के माध्यम से उर्वरक वितरण की नई व्यवस्था के संबंध में स्थानीय कृषि महाविद्यालय में एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। उप संचालक कृषि श्री नितेश कुमार यादव द्वारा प्रशिक्षण में विक्रेताओं को बताया गया कि कृषक स्वयं अपने मोबाइल से या एमपी ऑनलाइन कियोस्क या कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से ई-टोकन प्राप्त कर, अपनी सुविधा अनुसार उर्वरक क्रय कर सकते है। किसान भाई https://etoken.mpkrishi.org के माध्यम से अपने आधार नंबर एवं ओटीपी फीड कर लॉग इन कर सकते है। लॉग इन करने के उपरांत पोर्टल पर एग्रीस्टैक अर्थात फार्मर आई.डी. से भू अभिलेख के रिकार्ड अनुसार कृषि भूमि अपडेट होगी, मौसम एवं फसल का चयन करने के उपरांत फसल तथा धारित रकबे अनुसार उर्वरकों की मांग की गणना होकर पोर्टल पर प्रदर्शित होगी | कृषक भाईयों को जिले के अधिकृत उर्वरक विक्रेता जैसे मार्कफेड, एम.पी.एग्रो, विपणन समिति एवं निजी उर्वरक विक्रेताओ के यहाँ उपलब्ध स्टॉक की जानकारी प्रदर्शित होगी, जिसमे कृषक भाई अपनी सुविधा अनुसार उर्वरक विक्रेताओं का चयन कर स्लॉट बुक कर सकेंगे, जिसकी जानकारी ई-टोकन के माध्यम से कृषक के पंजीकृत मोबाइल पर प्राप्त होगी । कृषक भाई चयनित उर्वरक विक्रेता को ई टोकन दिखाकर उर्वरक क्रय कर सकते है। कृषक भाई अपनी सुविधा अनुसार उर्वरक विक्रेता का चयन करेंगे चयनित उर्वरक विक्रेता के यहाँ पर ई-टोकन से कृषक भाई 3 दिवस में उर्वरक क्रय कर सकेंगे। ई-टोकन केवल 3 दिवस तक मान्य रहेगा। निर्धारित समय में उर्वरक नहीं लेने पर टोकन स्वतः निरस्त हो जाएगा और किसान को पुन: पंजीयन कराना होगा। कृषक भाई ई-टोकन, चयनित विक्रेता को दिखायेगे, विक्रेता मोबाईल ऐप से टोकन में अकिंत क्यू आर कोड को स्केन कर उर्वरक प्रदाय करने की प्रक्रिया संपन्न करेंगे।
प्रशिक्षण के दौरान उपसंचालक कृषि यादव ने बताया कि ई-विकास प्रणाली के द्वारा उर्वरक प्राप्त करने के लिये कृषको की लंबी कतारे, काला बाजारी, समय पर उर्वरक प्राप्त न होना तथा अन्य उत्पादो की टैगिंग से कृषको को निजाद मिलेगी। सभी विक्रेता अपने ग्राहक कृषको फार्मर आईडी बनवाने एवं ई-टोकन पंजीयन प्रक्रिया का प्रचार प्रसार करें। अन्त में उप संचालक कृषि द्वारा प्रश्नोत्तरी सत्र के माध्यम से विक्रेताओं की शंकाओं का समाधान किया गया। कार्यक्रम के दौरान श्री महेन्द्रसिंह सावनेर अध्यक्ष जनपद पंचायत छैगांवमाखन, डॉ. डी.के. वाणी अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय खण्डवा, डॉ. एम.के. तिवारी वैज्ञानिक, श्री एल.एस. निंगवाल सहायक संचालक कृषि, श्री जितेन्द्र सिंह रावत सहायक संचालक कृषि, श्री एल.एस. मण्डलोई अनुविभागीय कृषि अधिकारी एवं श्री जयपालसिंह पंवार तकनिकी सहायक उपस्थित थे।
जिला पंचायत के सीईओ डॉ. गौड़ा ने पुनासा एवं बलड़ी क्षेत्र में विकास कार्यों का निरीक्षण किया
खंडवा – जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. नागार्जुन बी. गौड़ा ने शुक्रवार को ग्रामीण क्षेत्र का दौरा कर वहां विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पुनासा ब्लॉक की ग्राम पंचायत बांगरदा एवं अंजनिया कला तथा बलडी ब्लॉक की ग्राम पंचायत पामाखेडी का दौरा किया।
भ्रमण के दौरान डॉ गौड़ा ने “एक बगिया माँ के नाम’’ परियोजना अंतर्गत बांगरदा में हितग्राही किर्तीबाई और मायाबाई द्वारा किये गये वृक्षारोपण का निरीक्षण किया। डॉ गौड़ा ने ग्राम पंचायत पामाखेडी में 3 हितग्राहियों छाया बाई, मीरा बाई और नथीबाई बछानिया द्वारा किये गये वृक्षारोपण कार्यो का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निरीक्षण के दौरान उपस्थित हितग्राहियों से चर्चा कर प्रगतिरत तार फेंसिंग के कार्यो को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए। जिन कार्यो में हितग्राहियों को समस्याएं आ रही थी, उनका तत्काल निराकरण कराने के निर्देश डॉ गौड़ा ने उपस्थित अधिकारियों को दिए। इस दौरान जनपद पंचायत पुनासा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, पुनासा व बलडी के सहायक यंत्री, उपयंत्री, ग्राम रोजगाार सहायक, सचिव एवं संबंधित हितग्राही उपस्थित थे।
उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में सराहनीय कार्य करने वालों को मिलेगा पुरस्कार
31 जनवरी तक कर सकते हैं आवेदन
खण्डवा -विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस आगामी 15 मार्च 2026 को मनाया जाएगा। इस अवसर पर उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उपभोक्ता संरक्षण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले स्वैच्छिक उपभोक्ता संगठनों व व्यक्तियों को प्रोत्साहित करने के लिये राज्य एवं संभाग स्तर पर पुरस्कार दिये जायेंगे। इन पुरस्कारों के लिये संगठनों व व्यक्तियों का चयन 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2025 तक की अवधि में की गई गतिविधियों के आधार पर किया जायेगा।
राज्य स्तर पर कुुल 3 पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र दिये जायेंगे। प्रथम पुरस्कार 1,11,000 रूपये, द्वितीय पुरस्कार 51,000 रूपये और तृतीय पुरस्कार 25,000 रूपये का दिया जायेगा। संभागों में भी तीन पुरस्कार दिये जायेंगे। इसमें प्रथम पुरस्कार 21,000 रूपये, द्वितीय पुरस्कार 11,000 रूपये और तृतीय पुरस्कार 5000 रूपये का होगा। राज्य स्तरीय एवं संभाग स्तरीय आवेदन पृथक-पृथक स्वीकार किये जावेंगे। राज्य स्तरीय पुरस्कार के लिये आवेदन के मुख्य पृष्ठ पर “राज्य स्तरीय पुरस्कार वर्ष 2025-26 हेतु” एवं “संभाग स्तरीय पुरस्कार” वर्ष 2025-26 हेतु सुस्पष्ट रूप से लिखा जाये। आवेदन का प्रारूप खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की वेबसाईट www.food.mp.gov.in पर उपलब्ध है। आवेदन 31 जनवरी 2026 तक संबंधित कार्यालय जिला कलेक्टर (खाद्य) में स्वीकार किये जायेंगे। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिये जिला आपूर्ति अधिकारी, खण्डवा के कार्यालय में कार्य दिवसों में कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता है। विगत वर्ष राज्य स्तरीय प्रथम, द्वितीय, तृतीय पुरस्कार प्राप्त संस्थाओं के आवेदन पर चयन समिति द्वारा विचार नहीं किया जायेगा।
कार्य स्थलों पर महिलाओं के उत्पीड़न को रोकने हेतु समिति गठित करें
खण्डवा- कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने श्रम विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि महिलाओं के यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम-2013 के तहत जिले की सभी दुकानों, शॉपिंग मॉल, फैक्ट्रियों, स्कूलों में आंतरिक शिकायत समितियों का गठन करें। उन्होंने बताया कि इन समितियों का गठन उन संस्थानों में किया जाता है, जहां कि 10 या 10 से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं। अधिनियम के प्रावधानों के तहत जो संस्थान आंतरिक परिवाद समिति का गठन नहीं करेगा, उनके संस्था प्रमुख पर 50 हजार रूपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
कलेक्टर श्री गुप्ता ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी शासकीय व अशासकीय अस्पतालों, मेडिकल व नर्सिंग कॉलेज में कार्यरत महिलाओं की सुरक्षा के लिए आंतरिक परिवाद समितियों का अनिवार्यतः गठन करें। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को सभी प्रायवेट एवं सरकारी स्कूलों तथा कोचिंग संस्थानों के लिए तथा महाविद्यालयों के प्राचार्यों को उनके कॉलेजों में कार्यरत महिलाओं की सुरक्षा के लिए आंतरिक परिवाद समितियों का अनिवार्यतः गठन करने के निर्देश दिए हैं। आंतरिक परिवाद समितियों का गठन न करने वाले संस्था प्रमुखों पर 50 हजार रूपए तक का अर्थदण्ड लगाया जा सकता है।
गणतंत्र दिवस आयोजन की तैयारी की बैठक सोमवार को होगी
खण्डवा – गणतंत्र दिवस आगामी 26 जनवरी को जिले में समारोहपूर्वक मनाया जाएगा। कलेक्टर ऋषव गुप्ता की अध्यक्षता में इस कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा के लिए बैठक 12 जनवरी सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई है। सभी संबंधित अधिकारियों को दोपहर 12 से होने वाली इस बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अधिकारियों के दल ने खेत तालाबों का भौतिक सत्यापन किया
खण्डवा – ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत पिछले वर्ष ग्राम पंचायतों में किसानों के खेतों में “खेत तालाब” निर्मित कराए गए थे। सभी विकासखण्डों में बने इन खेत तालाबों के भौतिक सत्यापन के उद्देश्य से कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने जिले के अधिकारियों के जांच दल गठित किए हैं। इन जांच दलों ने शुक्रवार को भी अपने अपने निर्धारित गांव पहुंचकर वहां के ग्रामीणों से चर्चा की और गांव में बनाए गये खेत तालाबों का भौतिक सत्यापन व निरीक्षण किया।
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान” के तहत गर्भवती महिलाओं की जांच की गई
खण्डवा- “प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान” के तहत गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हर माह की 9 एवं 25 तारीख को सरकारी अस्पतालों में स्त्री रोग विशेषज्ञ व चिकित्सकों द्वारा गर्भवती महिलाओं की जांच कर उपचार किया जाता है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत ने बताया कि शुक्रवार को हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं स्वास्थ्य संस्थाओं में चिकित्सकों द्वारा आवश्यक जाँच व परामर्श दिया गया। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं में एनीमिया, उच्च रक्तचाप, शुगर, पूर्व सिजेरियन प्रसव, जुड़वा बच्चे, गर्भ में उल्टा बच्चा, पूर्व में गर्भपात, पूर्व में जन्मे शिशु में जन्मजात विकृति, कम वर्ष व 35 वर्ष से अधिक उम्र में गर्भधारण होना, अधिक बच्चे होना तथा टीबी, गुर्दे, हृदय रोग, मलेरिया, एचआईवी, हैपेटाइटिस बी जैसे रोगों से ग्रसित गर्भवती महिलाएं शामिल होती हैं। डॉ. जुगतावत ने बताया कि जांच के दौरान जटिलताओं को देखते हुए ऐसी चिन्हांकित लगभग 550 गर्भवती महिलाओं की निःशुल्क सोनोग्राफी भी कराई गई। इन शिविरों में गर्भवती महिलाओं की काउंसलिंग कर उन्हें स्वास्थ्य के प्रति जागरुक रहने, पौष्टिक आहार नियमित रूप से लेने और सरकारी अस्पताल में प्रसव कराने की समझाइश दी जाती है।
मोतियाबिंद के 37 मरीजों को निःशुल्क सर्जरी के लिए इंदौर भेजा
खण्डवा – राष्ट्रीय अंधत्व निवारण कार्यक्रम के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा खालवा विकासखण्ड के सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र खालवा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र सेंधवाल में निःशुल्क नेत्र जाँच शिविर लगाकर मरीजों का नेत्र परीक्षण किया गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ओ.पी. जुगतावत ने बताया कि शिविर में 88 मरीजों की आंखों की जांच के बाद मोतियाबिंद सर्जरी के लिए चयनित इन मरीजों में से 37 को निःशुल्क ऑपरेशन के लिए चौइथराम नेत्रालय इन्दौर भेज दिया गया है।
संविदा डाटा एंट्री ऑपरेटर की भर्ती प्रक्रिया स्थगित
खंडवा – जिला स्तरीय स्थानीय निर्वाचन कार्यालय खण्डवा में डाटा एन्ट्री ऑपरेटर संविदा के एक पद की पूर्ति के लिए विज्ञप्ति जिला कार्यालय खण्डवा की वेबसाईट WWW.khandwa.nic.in पर गत दिवस अपलोड की गई थी । उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री दिनेश सावले ने बताया कि यह भर्ती प्रक्रिया अपरिहार्य कारणों से अभी स्थगित कर दी गई है। भर्ती प्रक्रिया के संबंध में आगामी कार्यवाही की जानकारी जिले की वेबसाइट और समाचार पत्रों के माध्यम से पृथक से दी जाएगी।
एमपी ई सेवा” पोर्टल के माध्यम से नागरिकगण शासकीय योजनाओं का लाभ उठा सकते हैं
खंडवा – विभिन्न शासकीय हितग्राही मूलक योजनाओं का लाभ अभी तक अलग अलग विभागीय पोर्टलों के माध्यम से नागरिकों को मिल रहा है। प्रदेश सरकार ने नागरिकों की सुविधा की दृष्टि से अब सभी अलग-अलग पोर्टलों के स्थान पर एक ही पोर्टल के माध्यम से सभी विभागों की योजनाओं का लाभ दिलाने के उद्देश्य से “एमपी ई सेवा” पोर्टल और MPeSeva मोबाइल ऐप विकसित किया है। इस पोर्टल https://eseva.mp.gov.in/cms/ पर वर्तमान में अभी तक 500 सेवाएँ लाइव की जा चुकी हैं । शेष सेवाओं को इस प्लेटफॉर्म से जोड़ने का कार्य भी प्रगति पर है।
डिस्ट्रिक्ट ई गवर्नेंस मैनेजर श्री अनिल चंदेल ने बताया कि “एम.पी. ई-सेवा पोर्टल एवं मोबाइल एप का शुभारंभ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा गत 1 नवम्बर 2025 को किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इस पोर्टल और मोबाइल ऐप की यह विशेषता है कि यह आवेदक के समग्र प्रोफाइल के आधार पर शासकीय योजनाओं की पात्रता की जाँच कर लेता है, जिससे कि कोई भी नागरिक उसकी पात्रता के अनुसार शासकीय योजनाओं एवं सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर उनका लाभ उठा सकता है। इस पोर्टल में रियल-टाइम आवेदन ट्रैकिंग एवं स्थिति ज्ञात किए जाने की सुविधा भी उपलब्ध है। इस पोर्टल के माध्यम से डिजिटल प्रमाणपत्र डाउनलोड की सुविधा भी उपलब्ध है। पोर्टल के माध्यम से इंटीग्रेटेड पेमेंट गेटवे सुविधा भी उपलब्ध है। पोर्टल में नागरिकों को सिंगल साइन-ऑन सुविधा भी दी गई है।
आवासीय विद्यालयों में प्रवेश के लिए 20 जनवरी तक करें आवेदन
खंडवा- म.प्र. भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मण्डल द्वारा भोपाल, इदौर, जबलपुर एवं ग्वालियर में श्रमोदय आवासीय विद्यालय संचालित किये जा रहे हैं। इन स्कूलों में शैक्षणिक सत्र 2026-2027 में कक्षा 6वी, 7वी, 8वी एवं 9वी में प्रवेश लेने के इच्छुक विद्याथियों से आगामी 20 जनवरी तक ऑनलाईन आवेदन www.pmsos.nic.in पोर्टल के माध्यम से आमंत्रित किये गये हैं।
जिला श्रम पदाधिकारी ने बताया कि श्रमोदय विद्यालय में प्रवेश के लिए “प्रवेश परीक्षा” आगामी 8 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के प्रवेश पत्र राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड के पोर्टल से डाउनलोड किये जा सकते हैं।
फ्लोटिंग सोलर प्लांट के क्षेत्र में नाव संचालन पर रहेगा प्रतिबंध
कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री गुप्ता ने जारी किए आदेश
खंडवा – ओंकारेश्वर में 90 मेगावाट का फ्लोटिंग सोलर पावर प्लांट एसजेवीएन ग्रीन एनर्जी लिमिटेड द्वारा संचालित किया जा रहा है। इस सोलर प्लांट की बिजली के संचरण के लिए संयंत्र के जल क्षेत्र में फ्लोटिंग विद्युत केबल बिछाई गई हैं। प्रायः यह देखा गया है कि कुछ स्थानीय मछुआरे बार-बार सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए इन तैरते हुए बिजली के तारों के ऊपर से अपनी नावें चला रहे हैं, जिससे किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। किसी भी संभावित दुर्घटना को रोकने के उद्देश्य से कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री ऋषव गुप्ता ने सोलर पावर प्लांट के आसपास के क्षेत्र को “नो मैंस लैंड” घोषित करने के आदेश जारी किए हैं। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163(2) के तहत जारी यह प्रतिबंधात्मक आदेश आगामी 5 मार्च 2026 तक लागू रहेगा।
जारी आदेश अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र में ग्राम एखंड, बिलाया, केलवा बुजुर्ग, खमनखेड़ा और इंधवाडी ग्रामों का क्षेत्र शामिल है। प्रतिबंधित क्षेत्र में केवल अधिकृत व्यक्ति को ही आने-जाने के लिए छूट रहेगी। प्रतिबंधित क्षेत्रों में बाहरी व्यक्ति या स्थानीय मछुआरे द्वारा किसी भी प्रकार का नौका विहार और मत्स्याखेट या मछली पालन का कार्य नही किया जा सकेगा। यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करता है, तो वह भारतीय न्याय संहिता की धारा-223 के अंतर्गत दण्ड का भागीदार होगा। यह आदेश विशिष्ट रूप से पृथक से अधिकृत किए गए शासकीय सेवकों पर लागू नहीं होगा ।

