पावनसिटी हरदा
कलेक्टर ने निर्माणाधीन माचक उपनहर का निरीक्षण किया
हरदा  कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन ने गुरूवार को जिले के ग्राम नकवाड़ा एवं गहाल के बीच निर्माणाधीन माचक उपनहर के निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होने समय सीमा में निर्माण कार्य पूर्ण करने के जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये। कलेक्टर ने कहा कि नहर निर्माण में गुणवत्ता का भी पूरा ध्यान रखा जाए।

पशुपालन महाविद्यालय के विद्यार्थी किसानों को जैविक खेती के लिये प्रेरित करेंगे
हरदा – जिला प्रशासन एवं निजी क्षेत्र के लाल बहादुर पशुपालन पत्रोपाधि महाविद्यालय के बीच जिले के किसानों को रासायनिक खेती से प्राकृतिक खेती की ओर अग्रसर करने के लिये कार्य करने का एमओयू किया गया है। जिसके तहत महाविद्यालय के प्रत्येक विद्यार्थी को पांच-पांच किसान आवंटित किये जायेंगे। ये विद्यार्थी आवंटित किसानों के बीच पहुँचकर उनको जैविक एवं प्राकृतिक खेती के लाभ बताएंगे। साथ ही रासायनिक खेती छोड़कर जैविक/प्राकृतिक खेती अपनाने के लिये प्रेरित करेंगे। गुरूवार को महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर श्री जैन ने कहा कि विद्यार्थियों को कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कृषि वैज्ञानिक द्वारा प्राकृतिक एवं जैविक खेती के लाभों के बारे में भलीभांति प्रशिक्षित किया जाए ताकि वे किसानों को इस संबंध में अच्छी तरह जागरूक कर सके। कलेक्टर ने कहा कि विद्यार्थियों को जिला प्रशासन द्वारा जैविक खेती जागरूकता के क्षेत्र में कार्य करने का प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा। इस कार्य का अगला चरण जिले को जैविक दुग्ध उत्पादन में अग्रणी बनाना भी होगा।
विद्यार्थियों के इस उन्मुखीकरण कार्यक्रम में उप संचालक कृषि श्री जे.एल. कास्दे, जैविक कृषक डॉ. शिवनारायण चाचरे, महाविद्यालय के संचालक श्री राजीव खरे भी मौजूद थे।

नियम विरूद्ध डीजे बजाने वालों की शिकायत करें
हरदा- जिला प्रशासन ने आमजन से अपेक्षा की है कि वे नियम विरूद्ध डीजे बजाने वाले अथवा ध्वनि प्रदूषण करने वालों के विरूद्ध संबंधित थाना प्रभारी अथवा तहसीलदार को शिकायत करें ताकि ऐसे व्यक्तियों के विरूद्ध त्वरित कार्यवाही की जा सके।

प्रधानमंत्री 13 मार्च को अंतरित करेंगे पीएम किसान सम्मान निधि की किश्त
हरदा – प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 13 मार्च को असम के गुवाहाटी में आयोजित कार्यक्रम में किसानों के खाते में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 22 वीं किश्त अंतरित करेंगे। इस अवसर जिले में ‘पीएम किसान दिवस’ मनाया जाएगा। इस अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में आयोजित किया जाएगा। कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन ने जिला स्तरीय कार्यक्रम के आयोजन के लिये अनुविभागीय अधिकारी राजस्व  अशोक डेहरिया को जिला स्तरीय नोडल अधिकारी नियुक्त किया है।
इसके अलावा तहसील एवं ग्राम स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं किसान शामिल होंगे। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण दिखाया जाएगा। हितग्राही प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में वीडियो काफ्रेंस लिंक https://pmindiawebcast.nic.in का उपयोग करके सीधे जुड़ सकते हैं।

तेज आवाज में डीजे बजाने वालों पर पुलिस की कार्रवाई, वाहन सहित डीजे सिस्टम जप्त
हरदा- जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर  सिद्धार्थ जैन ने जिले में लाउडस्पीकर एवं डीजे के नियंत्रण तथा नियमों के विरुद्ध उपयोग पर रोक लगाने हेतु पूर्व में प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। साथ ही वर्तमान में बच्चों की परीक्षाएं भी संचालित हो रही हैं, जिसके दृष्टिगत ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में पुलिस अधीक्षक हरदा  शशांक के निर्देशन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में जिले में ध्वनि प्रदूषण रोकने हेतु सतत कार्यवाही की जा रही है।
बुधवार को थाना सिविल लाइन हरदा पुलिस ने भ्रमण के दौरान सांई मंदिर के पास एक वाहन में लगे डीजे सिस्टम को अत्यधिक तेज ध्वनि में बजाते हुए पाया, जिससे क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण हो रहा था। मौके पर ध्वनि इतनी तेज थी कि आपसी बातचीत भी सुनाई नहीं दे रही थी तथा आसपास के क्षेत्र में रहने वाले लोगों एवं विद्यार्थियों की पढ़ाई में व्यवधान उत्पन्न हो रहा था। मौके पर डीजे ऑपरेटर से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम पूनम गौर पिता श्रीराम गौर, उम्र 40 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 07 टिमरनी बताया तथा डीजे संचालन संबंधी कोई वैधानिक अनुमति प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस ने पंचनामा कार्यवाही कर आरोपी के कब्जे से दो एम्पलीफायर, दो बेस, दो कॉलम, एक डीजे मिक्सर तथा टाटा 407 वाहन क्रमांक एमपी 06 ई 2933 को जप्त कर आरोपी के विरूद्ध धारा 223 भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) एवं कोलाहल नियंत्रण अधिनियम की धारा 7/15 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
इसी प्रकार नायब तहसीलदार एवं थाना प्रभारी कोतवाली द्वारा संयुक्त कार्यवाही करते हुए वाहन क्रमांक एमपीजीए 3441 में लगे डीजे सिस्टम को जप्त कर आरोपी अजय पिता सीताराम तथा वाहन क्रमांक एमपी 13 ई 0702 में लगे डीजे सिस्टम को जप्त कर आरोपी संतोष के विरुद्ध धारा 223 भारतीय न्याय संहिता एवं कोलाहल नियंत्रण अधिनियम की धारा 7/15 के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई है।

शासकीय छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू, इस वर्ष पूरी तरह होगी ऑनलाइन
*30 मार्च तक ऑनलाइन करना होगा आवेदन*
*स्थान रिक्त होने वाले दूसरे चरण के लिए 6 अप्रैल से 10 जून तक कर सकेंगे आवेदन*
हरदा – राज्य शिक्षा केंद्र, स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा संचालित शासकीय छात्रावासों में वर्ष 2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस वर्ष विभाग ने प्रवेश प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। इसके लिए एजुकेशन पोर्टल 3.0 के माध्यम से विशेष ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली विकसित की गई है।
संचालक राज्य शिक्षा केंद्र श्री हरजिंदर सिंह ने बताया कि प्रदेश में संचालित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका एवं बालक छात्रावासों में विशेष रूप से वंचित वर्ग के बालक-बालिकाओं को उच्च प्राथमिक स्तर की शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पारदर्शी ऑनलाइन प्रवेश प्रणाली प्रारंभ की गई है।
संचालक  सिंह ने बताया कि ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली एक समेकित डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसे आवासीय विद्यालयों एवं छात्रावासों में प्रवेश प्रक्रिया, सीट आवंटन, अभिलेख संधारण और प्रशासनिक कार्यों को ऑनलाइन एवं पारदर्शी तरीके से संचालित करने के लिए विकसित किया गया है।
ई-हॉस्टल प्रबंधन प्रणाली विशेष रूप से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (केजीबीवी) टाइप-I एवं टाइप-III तथा नेताजी सुभाष चंद्र बोस (एनएससीबी) बालक/बालिका छात्रावासों के पारदर्शी प्रबंधन और उनमें प्रवेश की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विकसित की गई है।
*https://educationportal3.in पर जाकर करना होगा आवेदन*
छात्रावासों में कक्षा 6वीं एवं अन्य कक्षाओं की रिक्त सीटों पर प्रवेश के लिए विद्यार्थी प्रथम चरण में 30 मार्च 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रथम चरण के बाद सीट्स रिक्त रहने की स्थिति में द्वतिीय चरण के आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। यह 06 अप्रैल 2026 से 10 जून 2026 तक चलेगी।
छात्रावास में प्रवेश के लिए अभिभावकों, विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करना होगा। यह आवेदन एमपी ऑनलाइन कियोस्क सेन्टर के माध्यम से स्कूल शिक्षा विभाग की वेबसाइट https://educationportal3.in पर जाकर करना होगा। इसके साथ ही यदि किसी अभिभावक, पालक, विद्यार्थी को आवेदन फॉर्म भरने में किसी प्रकार की समस्या आती है, तो वे संबंधित वार्डन के सहयोग से भी आवेदन फॉर्म भर सकते हैं।
छात्रावासों में लक्ष्य के अनुसार 50, 100, 150, 175, 200, 220 तथा 275 सीटें उपलब्ध हैं। कक्षा 6 से 8 तक की बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाइप-प्) एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावासों में प्रवेश दिया जाता है। वहीं कक्षा 6 से 12 तक की बालिकाओं को कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (टाइप-III) में प्रवेश की पात्रता होती है।
कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में छात्रावास की मार्गदर्शिका के अनुसार 75 प्रतिशत सीटें अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्पसंख्यक वर्ग की बालिकाओं के लिए निर्धारित हैं, जबकि 25 प्रतिशत सीटें गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) जीवन-यापन करने वाले परिवारों की बालिकाओं के लिए आरक्षित हैं। इनमें अस्थि बाधित, अनाथ एवं बेसहारा बालिकाओं को चयन में प्राथमिकता दी जाती है।
प्रदेश में संचालित 66 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावासों में कक्षा 3 से 8 तक के पात्र बालकों को प्रवेश दिया जाता है। ये छात्रावास विशेष रूप से शाला अप्रवेशी एवं शाला त्यागी बालकों के लिए संचालित किए जाते हैं। ऐसे बालकों को उनकी आयु के अनुरूप कक्षा में दर्ज कर विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से आवश्यक दक्षताएं विकसित कर उन्हें शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाता है।
छात्रावासों में विशेष रूप से ऐसे बच्चों को प्रवेश दिया जाता है, जो रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड के प्लेटफॉर्म पर रहने वाले, पन्नी बीनने वाले, पलायन करने वाले परिवारों के बच्चे, घर से भटके हुए बच्चे, विमुक्त (डिनोटीफाइड ट्राइब्स) एवं प्रिमिटिव ट्राइबल परिवारों के बच्चे और वन ग्राम पट्टाधारी परिवारों के बच्चों को आवासीय सुविधाएं प्रदान कर शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़कर प्रारंभिक शिक्षा पूर्ण कराई जाती है।
प्रदेश में 597 छात्रावास हैं संचालित
राज्य शिक्षा केंद्र अंतर्गत प्रदेश में कुल 597 छात्रावास संचालित है। इनमें 207 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 324 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास तथा 66 नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास शामिल हैं। इन छात्रावासों में ऐसे बालक-बालिकाओं को आवासीय सुविधा प्रदान की जाती है, जो शाला से बाहर हैं या प्रारंभिक शिक्षा से वंचित हैं। साथ ही पारिवारिक कारणों से परिवार के साथ रहते हुए शिक्षा प्राप्त नहीं कर सकते हैं। उन्हें छात्रावास में रखकर प्रारंभिक शिक्षा की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।

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