पावनसिटी समाचार पत्र हरदा

संपादक अशफाक अली

मध्य प्रदेश के हरदा जिले में हर मंगलवार की तरह इस मंगलवार भी जिला पंचायत में जनसुनवाई आयोजित की गई जिसमें शहर के और जिले के आजू-बाजू ग्रामीण क्षेत्र के आमजन अपनी समस्याओं को लेकर जिला पंचायत पहुंचे मामला जब सुर्खियों में आया जब तचपुर ग्राम के किसान अशोक राजपूत पिता भगवतसिंह राजपूत पिता छत्तर सिंह राजपूत निवासी तचपुरा ने अपनी जमीन के सीमांकन रिकार्ड दुरुस्त  के लिए कई बार आवेदन दिए हैं राजस्व विभाग एवं नहर विभाग के द्वारा  3 वर्षों से परेशान किया जा रहा है नाराज होकर किसान अशोक राजपूत ने हरदा कलेक्टर के लिए नारियल फूल माला  लेकर जनसुनवाई में पहुंचा लेकिन हर बार की तरह इस बार भी कलेक्टर महोदय समय पर नहीं आए जिससे किसान ने फूल माला नारियल अपर कलेक्टर को भेंट किया  और अपनी समस्याओं से अवगत कराया व अपर कलेक्टर ने किसान अशोक राजपूत को जवाब देने में असंतुष्ट नजर आए  हिसार ने अपनी बात बड़ी वजनदारी से राखी और उसने पीछे  कलेक्टर ने किए वादे को भी अपर कलेक्टर को याद दिलाया लेकिन आज तक उसकी समस्या का निराकरण नहीं हो सका किसान ने कहा कि 8 दिन के अंदर कभी उसका निराकरण नहीं होता तो वह जो नहर उसके खेत से निकली है और जो रास्ता  किसानों के लिए नहर पड़ता है मैं उसे बंद कर दूंगा मेरे जमीन में से नहर निकालने का कोई भी प्रमाणित काफी नहीं है तहसील कार्यालय में कई बार आवेदन देने के बाद भी मेरे को इंसाफ नहीं मिला यह मामला  40 वर्ष पुराना है मेरी समस्या का निराकरण नहीं हुआ तो मजबूरन होकर मेरे खेत से निकली नाहर शाखा अजनई  मेरे निजी खेत से निकली है दोनों तरफ से  नहर शाखा बंद कर दूंगा इससे आमजन एवं नहर विभाग ने  को समस्या होने वाली समस्या के लिए राजस्व विभाग एवं नहर विभाग जवाबदारी रहेगी मेरी मेरी संपत्ति का निराकरण किया जाए जिससे हमारे परिवार में जमीनी बंटवारा किया जा सके इस कारण से तुम्हारे परिवार में विवाद की स्थिति बनी रहती है की परिवार बटवारा नहीं हो पा रहा है

क्या कहना है अशोक राजपूत किसान

अशोक राजपूत से जब मीडिया ने सवाल पूछा तो उसने कहा कि मैरिज पैतृक संपत्ति 40 वर्षों पुरानी है राजस्व विभाग एवं नहर विभाग द्वारा में मेरी निजी भूमि से नहर से निकाल दी गई है जो रिकॉर्ड में नहीं है आज में जनसुनवाई में कलेक्टर महोदय से मिलने नारियल फूल माला लेकर पहुंचा था लेकिन कलेक्टर साहब से मुलाकात नहीं हुई मैंने जनसुनवाई में बैठे अपर कलेक्टर को फूल नारियल भेंट किया और अपनी समस्या से अवगत कराया 8 दिन में मेरी समस्या का हल नहीं होती तो मजबूरन मुझे मेरे खेत से निकली नहर के दोनों तरफ से पानी बंद करना पड़ेगा जिसका जिम्मेदारी राजस्व विभाग एवं नहर विभाग एवं जिला प्रशासन की होगी