नर्मदापुरम के 24 वनग्राम राजस्‍व ग्राम में होंगे संपरिवर्तित

वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन करने के पूर्व राजस्व एवं वन विभाग का अमला संयुक्त रूप से वन ग्रामों का भ्रमण करें – कमिश्नर कृष्ण गोपाल तिवारी

कमिश्नर ने ली वन ग्राम से राजस्व ग्राम संपरिवर्तन, वन व्यवस्थापन एवं विभिन्न विकास परियोजनाओं की अनुमति संबंधी बैठक

नर्मदापुरम जिले के 24 वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन किया जाना है तत संबंध में नर्मदापुरम संभाग कमिश्नर  कृष्ण गोपाल तिवारी ने गुरुवार को जिला पंचायत के सभा कक्ष में वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन करने एवं वन व्यवस्थापन तथा विकास परियोजनाओं की अनुमति संबंधी बैठक लेकर संबंधित वन ग्रामों के पटवारी ग्राम पंचायत सचिव एवं फॉरेस्ट गार्ड को निर्देश दिए कि वह संयुक्त रूप से वन ग्रामों का भ्रमण कर केबल फाइल बनाकर एवं पटवारी एवं फॉरेस्ट गार्ड के हस्ताक्षर से फाइल तैयार कर लें। कमिश्नर ने निर्देश दिए कि सात दिवस के अंदर उक्त कार्रवाई पूर्ण कर ली जाए। कमिश्नर ने वन राजस्व एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के मैदानी अमले को निर्देश दिए की वह जिले के 24 वन ग्रामों का राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन करने के पूर्व सभी आवश्यक तैयारी सुनिश्चित कर ले। परिवर्तन करने से पूर्व सभी संबंधित विभागीय अधिकारी शासन द्वारा तत संबंध में जारी 16 अप्रैल 2025 के सर्कुलर का अनिवार्य रूप से अध्ययन कर लें। कमिश्नर ने वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन के पूर्व वन का ग्रामों का पूर्ण मानचित्रण, वन ग्रामों की बाहरी सीमा का निर्धारण, स्थल सत्यापन, पूरे क्षेत्र का जीआईएस के माध्यम से नक्शा तैयार किए जाने, वन अधिकार पटटेधारियों की सूची तैयार करने, नक्शे में वन अधिकार पट्टों की स्थिति दर्ज करने, ऐसे पटटाधारी जिनको वन अधिकार पत्र जारी नहीं किया गया है उनमे उनकी जानकारी दर्ज कराने, पट्टा अथवा वन अधिकार पत्र धारी की मृत्यु हो जाने की दशा में नामांतरण, नई दावा आवेदनों को ऑनलाइन दर्ज करने, दावा आवेदनों का निराकरण करने, सामुदायिक दावों की स्थिति की समीक्षा भी की। साथ ही समय सीमा में उपरोक्त सभी कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। कमिश्नर ने वन अधिकार पट्टों से संबंधित समस्त नस्तियां वन मंडलाधिकारी कार्यालय में जमा कराने के भी निर्देश दिए।

बैठक में वन संरक्षक  अशोक कुमार, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी  हिमांशु जैन, अपर कलेक्टर  बृजेंद्र रावत एवं  अनिल जैन, उपायुक्त विकास  डी एन पटेल, एसडीएम सोहागपुर सुश्री प्रियंका भलावी, एसडीएम सिवनी मालवा विजय राय, एसडीएम इटारसी  निलेश शर्मा, एसडीएम नर्मदापुरम  जय सोलंकी, सभी संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, वन विभाग के संबंधित रेंजर एवं फॉरेस्ट गार्ड, संबंधित पटवारी गण उपस्थित थे।

बताया गया कि 24 वन ग्राम में से 19 वन ग्राम में प्रक्रिया लगभग पुरी की गई है। कमिश्नर ने निर्देश दिए की मौका भ्रमण आवश्यक है और मौके पर मुनारे मैच कर वन सीमा की बाउंड्री तय करनी आवश्यक है। उन्होंने वन ग्राम के नक्शे में वन ग्राम की बाहरी सीमा का निर्धारण करने के निर्देश दिए।

वन संरक्षण  अशोक कुमार ने वन एवं राजस्व विभाग के अमले को निर्देश दिए कि वह हर वन ग्राम के नक्शे की बाहरी सीमा के नक्शे का निर्धारण होने पर उस पर हस्ताक्षर अनिवार्य रूप से करें। यदि किसी कारण वश सर्वे नहीं हो पाया है तो सर्व अनिवार्य रूप से करें। नक्शा बनाने में जीआईएस प्लेटफार्म का उपयोग करते हुए ड्राफ्टमैन की अनिवार्य रूप से सहायता लें। ड्राफ्टमैन की सहायता से ही वन ग्राम का नक्शा बनाया जाए। कमिश्नर  तिवारी ने सभी वन ग्राम समितियो को सक्रिय करने के निर्देश दिए और कहां की वन मित्र पोर्टल के माध्यम से ही वन अधिकार के दावे प्राप्त किए जाएं। कमिश्नर ने कहा कि वन ग्रामों के अधिकांश अन्य परंपरागत वन निवासी पटटाधारियों को वन अधिकार पत्र वितरित नहीं हो पाए हैं क्योंकि वह धारा 3 (1) की शर्तों को पूरा नहीं करते थे। लेकिन अब वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन करने के पूर्व व्यक्तिगत वन अधिकार दावों की पूर्ण मान्यता सुनिश्चित की जाएगी। अतः वन ग्रामों का पूर्ण मानचित्रण और व्यक्तिगत वन अधिकार दावा की पूर्ण मान्यता सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक प्रक्रिया सुनिश्चित की जाए।

इन वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन किया जाएगा

नर्मदापुरम जिले के 24 वन ग्रामों को राजस्व ग्रामों में संपरिवर्तन किया जाएगा उन ग्रामों के नाम है परिक्षेत्र इटारसी का वन ग्राम लालपानी, रांझी, भातना, गोलनडोह, चीचा, परिक्षेत्र सुखतवा का वन ग्राम ओझापुरा, नया झुनकर, चाटुआ, जाली खेड़ा, हिरण चापडा, परिक्षेत्र सिवनी मालवा का वन ग्राम ढेकना, आमा कटारा, गीत खेड़ा, पलासी परिक्षेत्र बानापुरा का वन ग्राम बासपानी, नयागांव, जाटमउ, बारा सेल, नापूपुरा, बैट, पीपल गोटा, घोघरा, एवं परिक्षेत्र सोहागपुर के दो गांव शामिल है।

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